Delhi में 20 की उम्र में दिखने लगे बुढ़ापे के निशान, AI रिपोर्ट ने चौंकाया
Delhi: राजधानी दिल्ली के युवाओं में समय से पहले बुढ़ापा आने के लक्षण दिख रहे हैं। एक नई AI रिपोर्ट में सामने आया है कि यहाँ 20 साल की उम्र के लोगों की त्वचा पर भी उम्र बढ़ने के निशान नजर आने लगे हैं। प्रदूषण और खराब लाइफ
Delhi: राजधानी दिल्ली के युवाओं में समय से पहले बुढ़ापा आने के लक्षण दिख रहे हैं। एक नई AI रिपोर्ट में सामने आया है कि यहाँ 20 साल की उम्र के लोगों की त्वचा पर भी उम्र बढ़ने के निशान नजर आने लगे हैं। प्रदूषण और खराब लाइफस्टाइल को इसकी मुख्य वजह माना जा रहा है।
Ningen Skin Sciences और Auriga Research ने मिलकर भारत की एक बड़ी AI-आधारित स्किन स्टडी की है। 16 जून 2026 को आई इस रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के लोगों की स्किन की मजबूती (firmness) सबसे ज्यादा कम हुई है। यहाँ स्किन फर्मनेस लॉस का स्कोर 4.11 है, जबकि पूरे देश का औसत 3.62 है। कोलकाता के मुकाबले दिल्ली में यह समस्या करीब 18% ज्यादा गंभीर है। इसके अलावा दिल्ली में स्किन इलास्टिसिटी लॉस का स्कोर 3.99 और डार्क सर्कल का स्कोर 3.80 रहा है।
डॉक्टरों का कहना है कि अब झुर्रियां सिर्फ 40 की उम्र के बाद नहीं, बल्कि 20 की उम्र से ही शुरू हो सकती हैं। माया मेडि स्पा की डॉ. सिमरन सालियान और डर्मोस्फीयर क्लिनिक के डॉ. दीपक जाखड़ ने बताया कि डिजिटल स्क्रीन से निकलने वाली HEV लाइट, तनाव, नींद की कमी और प्रदूषण त्वचा को नुकसान पहुँचा रहे हैं। दिल्ली की हवा (AQI 200-400) और खारे पानी (300-500 TDS) की वजह से कोलेजन डैमेज हो रहा है, जिससे त्वचा ढीली पड़ रही है।
रिपोर्ट में एक चौंकाने वाली बात यह भी आई है कि दिल्ली की महिलाएं मुकाबले पुरुषों की तुलना में कम तेजी से बूढ़े हो रहे हैं। पुरुष महिलाओं से 22% ज्यादा तेजी से उम्रदराज दिख रहे हैं और उनके चेहरे पर UV स्पॉट्स भी 23.5% ज्यादा हैं। इसका बड़ा कारण पुरुषों द्वारा सनस्क्रीन का कम इस्तेमाल करना है।
इस समस्या से निपटने के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। IIIT-Delhi के रिसर्चर्स ने AgeXtend नाम का एक AI प्लेटफॉर्म बनाया है जो उम्र रोकने वाले मॉलिक्यूल्स की पहचान करता है। साथ ही, AI आधारित स्किनकेयर रूटीन से 8 से 12 हफ्ते में सुधार देखा गया है। लंदन के किंग्स कॉलेज और ओसाका मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी भी AI के जरिए उम्र और सेहत के बीच के संबंध पर रिसर्च कर रहे हैं।