Delhi में यमुना का पानी अब भी जहरीला, DPCC की रिपोर्ट में खुलासा; कई जगहों पर मछलियां तक नहीं बचेंगी
Delhi: राजधानी की जीवनरेखा कही जाने वाली यमुना नदी की हालत अब भी बहुत खराब है। Delhi Pollution Control Committee (DPCC) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, नदी में प्रदूषण का स्तर काफी ज्यादा है। हालांकि कुछ जगहों पर मामूली सुधा
Delhi: राजधानी की जीवनरेखा कही जाने वाली यमुना नदी की हालत अब भी बहुत खराब है। Delhi Pollution Control Committee (DPCC) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, नदी में प्रदूषण का स्तर काफी ज्यादा है। हालांकि कुछ जगहों पर मामूली सुधार हुआ है, लेकिन ज्यादातर हिस्सों में पानी की स्थिति डराने वाली है। यह रिपोर्ट 5 मई को लिए गए पानी के नमूनों के आधार पर तैयार की गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, नदी के कई हिस्सों में गंदगी इतनी ज्यादा है कि वहां जलीय जीव या मछलियां जिंदा नहीं रह सकतीं। ISBT ब्रिज, ITO ब्रिज, निजामुद्दीन ब्रिज, ओखला बैराज और असगरपुर जैसे इलाकों में Dissolved Oxygen (DO) का लेवल बिल्कुल शून्य पाया गया। नियम के हिसाब से पानी में कम से कम 5 mg/l ऑक्सीजन होनी चाहिए, तभी मछलियां और अन्य जीव जीवित रह सकते हैं। केवल पल्ला इलाके में ही ऑक्सीजन का स्तर सही मिला है।
सीवेज और गंदगी की बात करें तो Fecal Coliform का स्तर बहुत ज्यादा बढ़ा हुआ है। सुरक्षित सीमा 2,500 MPN प्रति 100 मिलीलीटर होनी चाहिए, लेकिन यमुना में यह लाखों में है। ISBT ब्रिज पर यह अप्रैल में 1,70,000 से घटकर मई में 1,30,000 हुआ, फिर भी यह तय सीमा से कहीं ज्यादा है। सबसे बुरा हाल असगरपुर का है, जहां यह स्तर अप्रैल के 3,10,000 से बढ़कर मई में 3,30,000 तक पहुंच गया।
वहीं Biological Oxygen Demand (BOD) का स्तर भी खतरे के निशान से ऊपर है। इसका सुरक्षित स्तर 3 mg/l या उससे कम होना चाहिए, लेकिन असगरपुर में यह 60 mg/l तक पहुंच गया। इसका मतलब है कि पानी में मौजूद गंदगी को साफ करने के लिए बहुत ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत है, जो कि उपलब्ध नहीं है। पूरे दिल्ली स्ट्रेच में केवल पल्ला ही एक ऐसी जगह रही जहां BOD और DO के मानक पूरे हुए।