Delhi में यमुना की बाढ़ से बचने के लिए बनेगी 4.72 किमी लंबी दीवार, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दी मंजूरी

Delhi: राजधानी दिल्ली को यमुना नदी की खौफनाक बाढ़ से बचाने के लिए सरकार ने एक बड़ा मास्टरप्लान तैयार किया है। इसके तहत कश्मीरी गेट से मजनू का टीला तक 4.72 किलोमीटर लंबी एक सुरक्षा दीवार बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्त

Delhi: राजधानी दिल्ली को यमुना नदी की खौफनाक बाढ़ से बचाने के लिए सरकार ने एक बड़ा मास्टरप्लान तैयार किया है। इसके तहत कश्मीरी गेट से मजनू का टीला तक 4.72 किलोमीटर लंबी एक सुरक्षा दीवार बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है, जिससे सिविल लाइंस, कश्मीरी गेट और यमुना बाजार जैसे इलाकों को बाढ़ से स्थायी सुरक्षा मिल सकेगी।

इस पूरी योजना का आधार अगस्त 2024 में आई संयुक्त बाढ़ समिति (JFC) की रिपोर्ट है। दीवार के वैज्ञानिक डिजाइन के लिए IIT-Delhi को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो फिलहाल इस पर काम कर रहे हैं। उम्मीद है कि अगले 10 से 15 दिनों में अंतिम डिजाइन तैयार हो जाएगा और मानसून खत्म होने के बाद निर्माण का काम तेजी से शुरू होगा। सरकार का लक्ष्य है कि इस अभेद्य दीवार को 2027 के मानसून से पहले पूरा कर लिया जाए।

बाढ़ से निपटने के लिए मुख्यमंत्री ने ‘बाढ़ नियंत्रण आदेश-2026’ भी जारी किया है। इसके तहत 15 जून से 15 अक्टूबर 2026 तक एक 24×7 केंद्रीय नियंत्रण कक्ष चालू रहेगा। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि जलभराव और तैयारियों में किसी भी तरह की लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। हर संवेदनशील पॉइंट के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके।

सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण मंत्री परवेश साहिब सिंह और जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने बताया कि जब तक नई दीवार नहीं बनती, तब तक मौजूदा दीवारों की मरम्मत का काम किया जाएगा। साथ ही, I&FC विभाग ने इस साल 77 नालों से 3 मिलियन मीट्रिक टन से ज्यादा गाद (Silt) हटाकर जल निकासी की व्यवस्था को बेहतर किया है।

हालांकि, कुछ पर्यावरण विशेषज्ञों ने इस दीवार को लेकर चिंता जताई है। उनका मानना है कि इससे नदी के प्राकृतिक बहाव और भूजल पुनर्भरण पर असर पड़ सकता है, जिससे आगे के इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। विशेषज्ञों ने दीवार के बजाय बाढ़ के मैदानों को बहाल करने का सुझाव दिया है।