Delhi: दिल्ली सरकार ने यमुना नदी के किनारे एक बड़ी सुरक्षा दीवार (Flood Protection Wall) बनाने का फैसला किया है। यह दीवार करीब 4.72 किलोमीटर लंबी होगी, जिससे राजधानी के कई इलाकों को बाढ़ के खतरे से स्थायी राहत मिलेगी। रि
Delhi: दिल्ली सरकार ने यमुना नदी के किनारे एक बड़ी सुरक्षा दीवार (Flood Protection Wall) बनाने का फैसला किया है। यह दीवार करीब 4.72 किलोमीटर लंबी होगी, जिससे राजधानी के कई इलाकों को बाढ़ के खतरे से स्थायी राहत मिलेगी। रिंग रोड पर मजनू का टीला से पुराने रेलवे पुल तक इस दीवार का निर्माण किया जाएगा।
दीवार कहाँ बनेगी और किन इलाकों को होगा फायदा
यह सुरक्षा दीवार रिंग रोड के किनारे मजनू का टीला से लेकर पुराने रेलवे पुल तक बनाई जाएगी। इस प्रोजेक्ट का मुख्य मकसद उन इलाकों को बचाना है जो हर साल बाढ़ की चपेट में आते हैं। इससे मुख्य रूप से सिविल लाइंस, कश्मीरी गेट, यमुना बाजार और मजनू का टीला जैसे क्षेत्रों के लोगों को सुरक्षा मिलेगी।
प्रोजेक्ट का बजट और पूरा होने का समय क्या है
दिल्ली सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए लगभग 50 करोड़ रुपये का बजट तय किया है। सरकार का लक्ष्य है कि इस दीवार को अगले मानसून सीजन, यानी 2027 से पहले पूरी तरह तैयार कर लिया जाए। इस फैसले का आधार अगस्त 2024 में संयुक्त बाढ़ समिति द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट है, जिसमें इस दीवार को एक लंबे समय का समाधान बताया गया था।
इस दीवार से आम जनता को क्या लाभ होंगे
- नदी का पानी रिहायशी इलाकों में नहीं घुस पाएगा।
- नदी के किनारों का कटाव रुक जाएगा जिससे आसपास की इमारतों की नींव सुरक्षित रहेगी।
- नदी के किनारे अवैध रूप से कचरा फेंकने की समस्या पर रोक लगेगी।
- यमुना के पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) को बचाने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी देते हुए कहा कि यह दीवार नदी और शहर के बीच एक मजबूत ढाल की तरह काम करेगी। इस योजना में पुणे स्थित केंद्रीय जल एवं विद्युत अनुसंधान केंद्र (CWPRS) के विशेषज्ञों की मदद ली गई है।