Delhi: यमुना में डूबे चार छात्रों में से दो के शव मिले, बहन ने भाई की उंगलियों से की पहचान

Delhi: राजधानी दिल्ली के अलीपुर इलाके में यमुना नदी में डूबे चार नाबालिग छात्रों में से दो के शव तीन दिन बाद बरामद कर लिए गए हैं। इस हादसे में राहुल और अमनदीप के शव मिल चुके हैं, जबकि सौरव और अंशु की तलाश अब भी जारी है।

Delhi: राजधानी दिल्ली के अलीपुर इलाके में यमुना नदी में डूबे चार नाबालिग छात्रों में से दो के शव तीन दिन बाद बरामद कर लिए गए हैं। इस हादसे में राहुल और अमनदीप के शव मिल चुके हैं, जबकि सौरव और अंशु की तलाश अब भी जारी है। जब शव मिले तो एक बहन ने अपने भाई की उंगलियों को देखकर उसकी पहचान की, जिससे वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं।

यह दुखद घटना 12 जुलाई 2026 की शाम करीब 7:46 बजे हुई थी। इब्राहिमपुर के रहने वाले ये चारों छात्र, जिनकी उम्र 14 से 15 साल थी, अलीपुर के हिरनकी गांव के पास यमुना नदी में नहाने गए थे। नहाते समय वे अचानक नदी के तेज बहाव की चपेट में आ गए और डूब गए। इस हादसे की जानकारी लकी नाम के एक अन्य छात्र ने दी थी, जो वहां मौजूद था।

घटना के तुरंत बाद 12 जुलाई की शाम से ही बचाव कार्य शुरू कर दिया गया था। 13 और 14 जुलाई तक काफी कोशिशें हुईं, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। आखिरकार 16 जुलाई को राहुल और अमनदीप के शव बरामद हुए। मौके पर NDRF, DDMA, दिल्ली पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें तैनात थीं और अभी भी सौरव और अंशु को खोजने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शवों को मिलने के बाद अब कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर यमुना के किनारों पर सुरक्षा की कमी को उजागर किया है। कई संवेदनशील घाटों पर चेतावनी बोर्ड और बैरिकेडिंग नहीं मिली है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मानसून के दौरान जब नदी का जलस्तर बढ़ जाता है, तब वे नदी से दूर रहें।

वहीं, यमुना की स्थिति सुधारने के लिए सरकार ने कुछ बड़े कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मजनू का टीला से पुराने रेलवे पुल तक करीब 4.72 किलोमीटर लंबी बाढ़ सुरक्षा दीवार बनाने की मंजूरी दी है, जिसे 2027 के मानसून से पहले पूरा करने का लक्ष्य है। इसके अलावा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा की है कि दिसंबर 2028 तक यमुना में एक भी लीटर गंदा पानी नहीं जाएगा।