Delhi: दिल्ली के लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। यमुना के किनारे अब 53 किलोमीटर लंबा साइकिल ट्रैक बनाया जाएगा। National Green Tribunal (NGT) ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। इससे न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि शहर के लोग
Delhi: दिल्ली के लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। यमुना के किनारे अब 53 किलोमीटर लंबा साइकिल ट्रैक बनाया जाएगा। National Green Tribunal (NGT) ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। इससे न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि शहर के लोगों को सेहतमंद रहने और घूमने के लिए एक बेहतरीन जगह मिलेगी।
प्रोजेक्ट कब तक पूरा होगा और कैसे बनेगा
DDA इस पूरे प्रोजेक्ट को तीन चरणों (Phases) में पूरा करेगा। पहले फेज का काम 2026 की शुरुआत में शुरू होने की उम्मीद है, जिसे पूरा होने में करीब 12 महीने लगेंगे। पूरे 53 किलोमीटर के कॉरिडोर को तैयार करने में कुल तीन साल का समय लगेगा। यह ट्रैक वजीराबाद यमुना ब्रिज से NH-24 और फिर कालिंदी कुंज बायोडायवर्सिटी पार्क तक जाएगा।
ट्रैक के अलग-अलग फेज और रूट की जानकारी
| फेज |
रूट की जानकारी |
| फेज 1 |
ओल्ड रेलवे ब्रिज से NH-24 तक |
| फेज 2 |
NH-24 से कालिंदी कुंज यमुना बायोडायवर्सिटी पार्क तक |
| फेज 3 |
वजीराबाद यमुना बैराज से ओल्ड यमुना रेलवे ब्रिज तक |
पर्यावरण और नियमों का कितना रखा गया है ध्यान
NGT ने पहले रूट को लेकर कुछ चिंताएं जताई थीं, जिन्हें DDA ने अब सुधार लिया है। अब ट्रैक को नदी के किनारों से दूर मौजूदा तटबंधों और रास्तों पर बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह प्रोजेक्ट दिल्ली को ग्रीन मोबिलिटी की नई पहचान देगा और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देगा। संवेदनशील इलाकों में किसी भी तरह के निर्माण की अनुमति नहीं होगी और सख्त पर्यावरण नियमों का पालन किया जाएगा।