Delhi में दिसंबर 2028 तक पूरी तरह साफ होगी यमुना, अमित शाह बोले- एक लीटर गंदा पानी भी नहीं जाएगा नदी में

Delhi: यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा लक्ष्य तय किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा की है कि दिसंबर 2028 तक यमुना में एक भी लीटर गंदा पानी या कचरा नहीं जाने दिया जाएगा। इस पूरी

Delhi: यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा लक्ष्य तय किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा की है कि दिसंबर 2028 तक यमुना में एक भी लीटर गंदा पानी या कचरा नहीं जाने दिया जाएगा। इस पूरी योजना की हर 20 दिन में समीक्षा की जाएगी ताकि काम में तेजी आए और सटीक नतीजे मिल सकें।

यह ऐलान 15 जुलाई 2026 को दिल्ली नगर निगम (MCD) और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के बीच हुए एक समझौते के दौरान किया गया। इस समझौते के तहत दिल्ली में कंप्रेस्ड बायो-गैस (CBG) प्लांट लगाए जाएंगे। इसका मुख्य मकसद गाय के गोबर का सही इस्तेमाल करना है, जो पहले हर दिन करीब 1,500 मीट्रिक टन यमुना में बहा दिया जाता था। अब इस गोबर से बायो-गैस और अच्छी क्वालिटी की जैविक खाद बनाई जाएगी।

इस पहल से पशुपालकों को भी फायदा होगा क्योंकि उन्हें 1 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से गोबर का भुगतान किया जाएगा। गोबर को प्रोसेस करने का काम नांगली, घोगा-गोयला और गाजीपुर के वेस्ट प्लांट में किया जाएगा। अमित शाह ने कहा कि यह मॉडल देश के दूसरे बड़े शहरों के लिए भी एक मिसाल बनेगा।

यमुना की सफाई के लिए बड़े स्तर पर काम चल रहा है। दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में अब तक 128 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) बनाए जा चुके हैं और 2027 के अंत तक 99 नए प्लांट लगाने का लक्ष्य है। इसके अलावा दिल्ली में सीवर और औद्योगिक कचरे को साफ करने के लिए करीब 80 प्लांट पर काम शुरू हो चुका है। मई 2026 में दिल्ली सरकार ने यमुना और नजफगढ़ ड्रेन की सफाई के लिए 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की परियोजनाओं को मंजूरी दी थी, जिसमें नजफगढ़ में 12 नए छोटे STP शामिल हैं।

इस पूरे मिशन में केंद्र सरकार के साथ दिल्ली सरकार, उपराज्यपाल और दिल्ली जल बोर्ड जैसे संस्थान मिलकर काम कर रहे हैं। अमित शाह ने इस बात पर जोर दिया कि यमुना को साफ करने के लिए दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के बीच आपसी तालमेल होना बहुत जरूरी है।