Delhi के यमुना बाजार में बुलडोजर एक्शन, 300 से ज्यादा घर ढहाए; हाई कोर्ट के आदेश के बाद हुई कार्रवाई

Delhi: दिल्ली के यमुना बाजार इलाके में प्रशासन ने बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया है। दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद डीडीएमए और डीडीए ने यहां करीब 310 घरों को ध्वस्त कर दिया है। यह कार्रवाई यमुना नदी के डूब क्

Delhi: दिल्ली के यमुना बाजार इलाके में प्रशासन ने बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया है। दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद डीडीएमए और डीडीए ने यहां करीब 310 घरों को ध्वस्त कर दिया है। यह कार्रवाई यमुना नदी के डूब क्षेत्र (O-Zone) को खाली कराने के लिए की गई है ताकि भविष्य में बाढ़ से होने वाले नुकसान को रोका जा सके।

इस पूरी कार्रवाई की शुरुआत मई 2026 में हुई थी जब दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने निवासियों को 15 दिनों के भीतर जगह खाली करने का नोटिस दिया था। इसके बाद 20 मई को दिल्ली हाई कोर्ट ने रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन की याचिका को खारिज कर दिया और बेदखली पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने 2 जून को आदेश दिया था कि इस क्षेत्र को 23 जून तक खाली कर लिया जाए।

प्रशासन ने 24 जून से बुलडोजर चलाना शुरू किया और 25 व 26 जून को यह अभियान जारी रहा। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के लिए भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, इस अभियान में करीब 311 घर और लगभग 50 मंदिर भी ध्वस्त हुए हैं। कार्रवाई से पहले 23 जून की रात या 24 जून की सुबह से ही इलाके की बिजली और पानी की सप्लाई काट दी गई थी।

अधिकारियों ने बताया कि आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 34 के तहत यह कदम उठाया गया है। 2023 और 2025 में आई भीषण बाढ़ का हवाला देते हुए कहा गया कि यह इलाका हर साल जलमग्न हो जाता है, जिससे जान-माल का खतरा रहता है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने भी डीडीए को इन डूब क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे।

दूसरी तरफ, यहां रहने वाले कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि वे पीढ़ियों से यहां रह रहे हैं, लेकिन उन्हें रहने के लिए कोई दूसरा विकल्प नहीं दिया गया। इस बीच, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मजनू का टीला से पुराने रेलवे पुल (ORB) तक बाढ़ सुरक्षा दीवार बनाने की मंजूरी दी है, ताकि भविष्य में बाढ़ से बचाव का स्थायी समाधान मिल सके।