Delhi: राजधानी दिल्ली में यमुना नदी के किनारे अवैध रूप से रह रहे परिवारों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने यमुना बाजार क्षेत्र में रह रहे 52 परिवारों को बेदखली का नोटिस भेजा है। प्रशास
Delhi: राजधानी दिल्ली में यमुना नदी के किनारे अवैध रूप से रह रहे परिवारों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने यमुना बाजार क्षेत्र में रह रहे 52 परिवारों को बेदखली का नोटिस भेजा है। प्रशासन ने इन लोगों को 15 दिनों के भीतर अपनी जगह खाली करने का निर्देश दिया है, वरना सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नोटिस क्यों जारी किए गए और क्या है नियम
अधिकारियों ने बताया कि यमुना के बाढ़ संभावित क्षेत्रों (O-Zone) में अतिक्रमण होने से जान-माल और सार्वजनिक सुरक्षा को बड़ा खतरा है। ये नोटिस आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 34 के तहत जारी किए गए हैं। इससे पहले 7 मई 2026 को भी करीब 300 परिवारों को नोटिस दिए गए थे, जिसके बाद अब 9 मई को 52 और परिवारों को यह आदेश मिला है।
प्रशासन का क्या कहना है
पुरानी दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि 2023 और 2025 की बाढ़ के दौरान इस इलाके में बड़े राहत अभियान चलाने पड़े थे, जिससे सरकारी खजाने और संसाधनों पर काफी बोझ पड़ा। अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट डॉ. शशिपाल डवास ने नोटिस जारी करते हुए चेतावनी दी है कि अगर तय समय में जगह खाली नहीं की गई, तो बिना किसी और सूचना के तोड़फोड़ की कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों का दावा और विरोध
दूसरी तरफ, यमुना बाजार घाटों और बाढ़ नियंत्रण दीवार के पास रहने वाले लोग इस कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। निवासियों का कहना है कि वे यहां पिछले 200 सालों से रह रहे हैं और उनके पास दिल्ली High Court का स्टे ऑर्डर है। लोगों का यह भी आरोप है कि यह जमीन DDA की है, इसलिए प्रशासन को उन्हें इस तरह नहीं हटाना चाहिए।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यमुना किनारे रह रहे लोगों को कितने दिन का समय दिया गया है?
दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने प्रभावित परिवारों को नोटिस मिलने के 15 दिनों के भीतर अवैध कब्जा खाली करने का निर्देश दिया है।
प्रशासन ने बेदखली का मुख्य कारण क्या बताया है?
प्रशासन के अनुसार, यमुना के बाढ़ संभावित क्षेत्रों (O-Zone) में अतिक्रमण से सार्वजनिक सुरक्षा को खतरा है और पिछली बाढ़ों के दौरान राहत कार्यों में बहुत संसाधन खर्च हुए थे।