Delhi: राजधानी दिल्ली के कई इलाकों में इन दिनों पानी की भारी किल्लत हो गई है। यमुना नदी में अमोनिया का स्तर बढ़ने की वजह से दिल्ली के करीब 30 प्रतिशत हिस्सों में जलसंकट गहरा गया है। इस समस्या से निपटने के लिए मुख्यमंत्री
Delhi: राजधानी दिल्ली के कई इलाकों में इन दिनों पानी की भारी किल्लत हो गई है। यमुना नदी में अमोनिया का स्तर बढ़ने की वजह से दिल्ली के करीब 30 प्रतिशत हिस्सों में जलसंकट गहरा गया है। इस समस्या से निपटने के लिए मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने समीक्षा बैठक की है और पानी की सप्लाई सुधारने के लिए कई कदम उठाए हैं।
पानी की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने क्या किया?
सरकार ने पानी की किल्लत को कम करने के लिए 1,200 से ज्यादा टैंकर तैनात किए हैं और 100 टैंकर स्टैंडबाय पर रखे हैं। Dwarka में दूसरे 50 MGD वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, साल 2025-26 के दौरान 520 नए ट्यूबवेल लगाए गए और 172 किलोमीटर पुरानी पाइपलाइनों को बदला गया ताकि सप्लाई बेहतर हो सके।
यमुना में अमोनिया बढ़ने से क्या असर पड़ता है?
Bureau of Indian Standards (BIS) के मुताबिक पीने के पानी में अमोनिया की मात्रा 0.5 ppm तक होनी चाहिए। जब यह स्तर बढ़ता है, तो Wazirabad, Chandrawal, Haiderpur, Bawana और Dwarka जैसे ट्रीटमेंट प्लांट को अपनी क्षमता 10% से 50% तक कम करनी पड़ती है। इससे उत्तर, मध्य, दक्षिण, उत्तर-पश्चिम और पश्चिम दिल्ली के कई इलाकों में पानी का प्रेशर कम हो जाता है या सप्लाई रुक जाती है।
अमोनिया का स्तर और सेहत पर खतरा
TERI की रिपोर्ट के अनुसार, यमुना में अमोनिया का स्तर आधिकारिक आंकड़ों से काफी ज्यादा पाया गया है। दिसंबर 2024 में यह स्तर 27.4 mg/l से 30.6 mg/l तक पहुंच गया था। पानी में ज्यादा अमोनिया होने से आंखों, त्वचा और सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। लंबे समय तक ऐसा पानी इस्तेमाल करने से लिवर, किडनी और नर्वस सिस्टम को नुकसान पहुंच सकता है। दिल्ली सरकार इस मामले में Haryana सरकार के साथ तालमेल बिठा रही है ताकि औद्योगिक कचरे को रोका जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पानी की शिकायत के लिए किन नंबरों पर फोन करें?
दिल्ली सरकार ने शिकायत दर्ज कराने के लिए 24×7 हेल्पलाइन नंबर 1916 और 1800117118 जारी किए हैं।
पीने के पानी में अमोनिया की सही मात्रा कितनी होनी चाहिए?
Bureau of Indian Standards (BIS) के नियमों के अनुसार, पीने के पानी में अमोनिया की अधिकतम सीमा 0.5 ppm होनी चाहिए।