Delhi में Wrong-Side ड्राइविंग पर सख्त एक्शन, 6 महीने में 2,000 से ज्यादा FIR दर्ज
Delhi: दिल्ली की सड़कों पर गलत दिशा में गाड़ी चलाने वालों की अब खैर नहीं है। एलजी तरनजीत सिंह संधू ने ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए दिल्ली पुलिस को सख्त निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने पिछले छह महीनों में रॉन्ग साइड ड्र
Delhi: दिल्ली की सड़कों पर गलत दिशा में गाड़ी चलाने वालों की अब खैर नहीं है। एलजी तरनजीत सिंह संधू ने ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए दिल्ली पुलिस को सख्त निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने पिछले छह महीनों में रॉन्ग साइड ड्राइविंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है, जिससे सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक फ्लो में सुधार लाने की कोशिश की जा रही है।
एलजी तरनजीत सिंह संधू ने सोमवार को दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की। इस बैठक में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर सख्ती बरतने और डिजिटल सिस्टम को बढ़ाने पर चर्चा हुई। एलजी ने साफ किया कि दिल्ली में ट्रैफिक जाम कम करना समय और ईंधन बचाने के साथ-साथ प्रदूषण रोकने के लिए भी जरूरी है। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिया है कि अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल एनफोर्समेंट का इस्तेमाल किया जाए ताकि चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा सके।
आंकड़ों की बात करें तो 1 जनवरी से 25 जून 2026 के बीच दिल्ली पुलिस ने रॉन्ग साइड ड्राइविंग के लिए 2,033 FIR दर्ज की हैं। चालान काटने की रफ्तार भी काफी बढ़ी है। जून 2025 में जहां 1,72,879 चालान कटे थे, वहीं 25 जून 2026 तक यह संख्या बढ़कर 3,42,381 हो गई है। इसके अलावा गलत पार्किंग के लिए भी 10,62,350 चालान काटे गए हैं।
| ट्रैफिक रेंज | FIR की संख्या | बढ़ोतरी (%) |
|---|---|---|
| ईस्टर्न रेंज | 397 | 189% |
| नदर्न रेंज | 410 | 128% |
| सेंट्रल रेंज | 334 | 81.5% |
| न्यू दिल्ली रेंज | – | 105% |
| सदर्न रेंज | 333 | 79% |
ट्रैफिक मैनेजमेंट के असर से दिल्ली के 62 प्रायोरिटी हॉटस्पॉट्स में से 34 जगहों पर जाम की स्थिति में सुधार हुआ है। गूगल मैप्स के डेटा के मुताबिक, औसत कंजेशन लंबाई जो जनवरी-मार्च में 48.25 किमी थी, वह घटकर 32.43 किमी रह गई है। हालांकि, निर्माण कार्य की वजह से भवभूति मार्ग, मैक्स हॉस्पिटल साकेत, साउथ एक्सटेंशन पार्ट-1 और नारायणा फ्लाईओवर पर अभी भी जाम की समस्या बनी हुई है। द्वारका मोड़, सराय काले खां, मुकरबा चौक और डब्री गोल चक्कर जैसे इलाकों में बुनियादी ढांचे में सुधार की जरूरत बताई गई है।