Delhi में महिला के घर के कागजात जाली बनाकर 18 करोड़ का लोन लिया, तिहाड़ जेल में मिला आरोपी

Delhi: दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने एक बड़े धोखाधड़ी मामले में संजीव दीक्षित नाम के शख्स को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने एक महिला के घर के फर्जी कागजात तैयार करके अलग-अलग बैंकों से 18 करोड़ रुपये से ज्यादा का

Delhi: दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने एक बड़े धोखाधड़ी मामले में संजीव दीक्षित नाम के शख्स को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने एक महिला के घर के फर्जी कागजात तैयार करके अलग-अलग बैंकों से 18 करोड़ रुपये से ज्यादा का लोन लिया था। हैरानी की बात यह है कि पुलिस को यह आरोपी तिहाड़ जेल में मिला, जहां वह पहले से ही किसी दूसरे मामले में सजा काट रहा था।

यह पूरा मामला पूर्व दिल्ली के विवेक विहार इलाके का है। यहां रहने वाली 55 साल की विधवा महिला उषा रानी सेठी को अप्रैल 2013 में पता चला कि उनके घर पर लोन लिया गया है और उसकी किस्तें नहीं भरी गई हैं। इसके बाद जब जांच हुई तो पता चला कि संजीव दीक्षित ने एक सोची-समझी साजिश के तहत उनके घर के कागजात का गलत इस्तेमाल किया था।

आरोपी ने पहले अपने कुछ साथियों को किरायेदार बनाकर घर के मालिकाना हक के कागजात हासिल किए। फिर फरवरी 2013 में एक दूसरी महिला को उषा रानी सेठी बताकर सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में फर्जी सेल डीड (बिक्री पत्र) तैयार करवाया। इस धोखाधड़ी में ओडिशा की एक अन्य महिला के पैन कार्ड का इस्तेमाल किया गया जिनका नाम भी उषा रानी था।

बैंक का नाम लोन की राशि
Chinatrust Commercial Bank 10 करोड़ रुपये
Punjab & Sind Bank 70 लाख रुपये
अन्य बैंक कैश क्रेडिट और कार लोन

पुलिस के मुताबिक, संजीव दीक्षित उर्फ संजय शर्मा उर्फ संजीव गांधी एक पुराना अपराधी है। उसके खिलाफ दिल्ली, यूपी और हरियाणा में सीबीआई और पुलिस द्वारा दर्ज धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार और साजिश के करीब 12 मामले हैं। वह 2017 से यूपी पुलिस की गिरफ्त से फरार था और दिल्ली की अदालत ने उसे घोषित अपराधी (Proclaimed Offender) मान लिया था। पुलिस अब इस मामले के मास्टरमाइंड सचिन भारद्वाज की तलाश कर रही है, जो अभी फरार है।