Delhi: दिल्ली में एक महिला के साथ हुए गैंगरेप मामले ने परिवहन विभाग की पोल खोल दी है। जिस स्लीपर बस में यह वारदात हुई, उस पर पहले से ही 36 चालान पेंडिंग थे और वह नियमों को ताक पर रखकर चल रही थी। यह घटना 11 मई 2026 की रात
Delhi: दिल्ली में एक महिला के साथ हुए गैंगरेप मामले ने परिवहन विभाग की पोल खोल दी है। जिस स्लीपर बस में यह वारदात हुई, उस पर पहले से ही 36 चालान पेंडिंग थे और वह नियमों को ताक पर रखकर चल रही थी। यह घटना 11 मई 2026 की रात को हुई, जिसके बाद पुलिस ने ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया है।
बस के नियम और भारी जुर्माना
जांच में पता चला कि यह बस बिहार (BR-28-P-3941) में ‘Sai Drishti Private Limited’ के नाम पर रजिस्टर्ड थी। इस बस के पास टूरिस्ट परमिट था, लेकिन इसका इस्तेमाल अवैध रूप से बिहार और दिल्ली के बीच सवारी ढोने के लिए किया जा रहा था। मोटर वाहन निरीक्षक आनंद कुमार के मुताबिक, बस पर बीमा की कमी, ओवरलोडिंग और सुरक्षा मानकों की अनदेखी जैसे कारणों से 10 से 12 लाख रुपये का जुर्माना पेंडिंग था।
पुलिस कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी
दिल्ली पुलिस ने 12 मई 2026 को FIR दर्ज की और त्वरित कार्रवाई करते हुए ड्राइवर उमेश कुमार (40) और कंडक्टर रामेंडर (45) को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। हालांकि, पुलिस ने इस बात से इनकार किया है कि यौन हमला चलती गाड़ी में हुआ, जबकि आरोपियों ने इसे पैसों का विवाद बताया है, जिसकी जांच जारी है।
NCW और सरकार का रुख
नेशनल कमीशन फॉर विमेन (NCW) ने दिल्ली पुलिस चीफ को पत्र लिखकर सात दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस घटना की निंदा की है और जानकारी सार्वजनिक करने में हुई देरी पर सवाल उठाए हैं। अब दिल्ली पुलिस और परिवहन विभाग यह पता लगा रहे हैं कि इतने सारे चालान और डिजिटल इम्पौंडमेंट के बावजूद यह बस सड़कों पर कैसे चल रही थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों के नाम क्या हैं?
पुलिस ने ड्राइवर उमेश कुमार (40) और कंडक्टर रामेंडर (45) को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश के निवासी हैं और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
बस के खिलाफ क्या-क्या नियम टूटे हुए थे?
बस बिहार में रजिस्टर्ड थी और टूरिस्ट परमिट पर अवैध रूप से पैसेंजर ट्रांसपोर्ट चला रही थी। इस पर बीमा न होने और ओवरलोडिंग समेत 36 चालान पेंडिंग थे, जिनकी कुल राशि 10 से 12 लाख रुपये है।