Delhi में प्रदूषण रोकने के लिए नया प्लान, अब डीजल ट्रकों की जगह EV से होगी सामान की डिलीवरी
Delhi: राजधानी दिल्ली में सर्दियों के दौरान बढ़ते प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब शहर के अंदर सामान पहुँचाने के लिए डीजल ट्रकों का इस्तेमाल कम किया जाएगा और उनकी जगह इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को ल
Delhi: राजधानी दिल्ली में सर्दियों के दौरान बढ़ते प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब शहर के अंदर सामान पहुँचाने के लिए डीजल ट्रकों का इस्तेमाल कम किया जाएगा और उनकी जगह इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को लाया जाएगा। इस योजना के तहत बाहरी राज्यों से आने वाले भारी डीजल ट्रकों को शहर की सीमा पर ही रोका जाएगा और वहां से सामान छोटे इलेक्ट्रिक वाहनों में ट्रांसफर किया जाएगा।
दिल्ली सरकार ने इसके लिए ‘प्रोएक्टिव विंटर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट फ्रेमवर्क’ और दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2026 (EV पॉलिसी 2.0) लागू की है। इस योजना को सफल बनाने के लिए NCR के आसपास पांच मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब बनाए जाएंगे। ये हब ऐसे पॉइंट्स होंगे जहां डीजल ट्रकों से सामान उतारकर इलेक्ट्रिक ट्रकों में लादा जाएगा, ताकि दिल्ली के अंदर जीरो-इमिशन गाड़ियां ही चलें।
नई पॉलिसी के मुताबिक, 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में केवल नए इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर और N1 कैटेगरी के गुड्स करियर (छोटे कमर्शियल वाहन) का ही रजिस्ट्रेशन होगा। वहीं 1 अप्रैल 2028 से केवल इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के रजिस्ट्रेशन की अनुमति होगी। सरकार ने इसके लिए कई इंसेंटिव भी रखे हैं, जिसमें N1 कैटेगरी के वाहनों की खरीद पर छूट और कुछ बड़े इलेक्ट्रिक ट्रकों के लिए ‘नो-एंट्री’ समय की पाबंदी से 10 साल की छूट शामिल है।
प्रदूषण रोकने के लिए कुछ सख्त नियम भी तय किए गए हैं:
| नियम | विवरण |
|---|---|
| सर्दियों के नियम | हर साल 1 नवंबर से 28 फरवरी तक लागू रहेंगे |
| बाहरी गाड़ियां | 1 नवंबर से 31 जनवरी तक non-BS-VI गाड़ियों की एंट्री बंद (CNG और EV को छोड़कर) |
| फ्यूल स्टेशन | बिना वैध PUC सर्टिफिकेट वाले वाहनों को डीजल-पेट्रोल नहीं मिलेगा |
| बजट | केंद्र सरकार ने पुराने ट्रकों और बसों को बदलने के लिए 9,585 करोड़ रुपये की स्कीम मंजूर की है |
नेशनल हाईवे फॉर EV (NHEV) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अभिजीत सिन्हा ने बताया कि लक्ष्य यह है कि डीजल ट्रक शहर के किनारे ही रुक जाएं। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर पंकज सिंह ने कहा है कि इन नियमों को एक डिजिटल पोर्टल के जरिए सख्ती से लागू किया जाएगा ताकि दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाया जा सके। ऑल इंडिया मोटर एंड गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र कपूर ने भी छोटे इलेक्ट्रिक ट्रकों के इस फैसले का समर्थन किया है।