Delhi के 1080 जलाशयों पर संकट, रिपोर्ट में खुलासा- ज्यादातर पर कब्जा और पानी हुआ प्रदूषित

Delhi: राजधानी दिल्ली के जल निकायों की हालत बेहद खराब है। दिल्ली नमभूमि प्राधिकरण (Delhi Wetland Authority) ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) को सौंपी अपनी रिपोर्ट में बताया है कि शहर के 1,080 चिह्नित जलाशयों में से ज्यादा

Delhi: राजधानी दिल्ली के जल निकायों की हालत बेहद खराब है। दिल्ली नमभूमि प्राधिकरण (Delhi Wetland Authority) ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) को सौंपी अपनी रिपोर्ट में बताया है कि शहर के 1,080 चिह्नित जलाशयों में से ज्यादातर अतिक्रमण की चपेट में हैं। कई तालाब पूरी तरह सूख चुके हैं और जो बचे हैं, उनका पानी गंभीर रूप से प्रदूषित हो चुका है।

यह पूरी जानकारी 9 जुलाई 2026 को NGT में दाखिल की गई स्थिति रिपोर्ट से सामने आई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि दिल्ली की 16 अलग-अलग एजेंसियां इन जलाशयों की देखरेख करती हैं, जिनमें DDA, MCD, दिल्ली जल बोर्ड और वन विभाग जैसी संस्थाएं शामिल हैं। हालात इतने खराब हैं कि कई पुराने तालाब अब कब्रिस्तान, श्मशान घाट, बस डिपो और आवासीय कॉलोनियों में बदल चुके हैं।

जलाशयों की स्थिति को लेकर रिपोर्ट में कुछ चौंकाने वाले आंकड़े दिए गए हैं:

एजेंसी/क्षेत्र जलाशयों की संख्या/स्थिति
कुल चिह्नित जलाशय 1,080
DDA के अधिकार क्षेत्र में 856
राजस्व विभाग के पास 130
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में 291 (सबसे अधिक)
बाहरी उत्तर दिल्ली में 266
दक्षिण दिल्ली में 156
पानी की गुणवत्ता (जांच किए गए 108 में से) 95 का पानी खराब, केवल 11 का अच्छा

DDA ने बताया कि उसके पास मौजूद जलाशयों में से 181 सूख चुके हैं और 126 पर अवैध कब्जा है। हालांकि, 182 जलाशयों को बचाने और दोबारा जीवित करने के लिए एक प्लान तैयार किया गया है। राजस्व विभाग के 130 में से 94 और MCD के 24 में से 21 जलाशयों की सीमा तय कर ली गई है। रिपोर्ट में यह भी जिक्र है कि कुछ जलाशयों को पहले ही सरकारी स्कूलों, इग्नू और अन्य सार्वजनिक कामों के लिए ट्रांसफर किया जा चुका है।

नमभूमि प्राधिकरण ने NGT से अनुरोध किया है कि सभी संबंधित एजेंसियों को समय सीमा के भीतर अतिक्रमण हटाने और जलाशयों के संरक्षण का काम पूरा करने के निर्देश दिए जाएं। साथ ही, नियमित तौर पर इसकी रिपोर्ट मांगी जाए ताकि दिल्ली के जल स्तर और पर्यावरण को बचाया जा सके।