Delhi में कचरे से फैशन की नई क्रांति, Dilli Haat में शुरू हुआ Weave The Future 4.0 इवेंट
Delhi: राजधानी दिल्ली के Dilli Haat में इन दिनों कपड़ों के कचरे को नया रूप देने की एक बड़ी कोशिश चल रही है। यहाँ ‘Weave The Future 4.0 – Upcycling Edition’ इवेंट का आयोजन किया गया है, जहाँ पुराने और बेकार कपड
Delhi: राजधानी दिल्ली के Dilli Haat में इन दिनों कपड़ों के कचरे को नया रूप देने की एक बड़ी कोशिश चल रही है। यहाँ ‘Weave The Future 4.0 – Upcycling Edition’ इवेंट का आयोजन किया गया है, जहाँ पुराने और बेकार कपड़ों से शानदार फैशन आइटम बनाए जा रहे हैं। इस पहल का मकसद टेक्सटाइल कचरे को कम करना और पर्यावरण को बचाना है।
केंद्रीय कपड़ा मंत्री Giriraj Singh ने 13 जुलाई 2026 को इस इवेंट का उद्घाटन किया। इस मौके पर कपड़ा मंत्रालय ने ‘What Is It Made Of?’ नाम से एक इनोवेशन चैलेंज भी शुरू किया है, जिसके लिए 20 जुलाई 2026 तक आवेदन किए जा सकते हैं। इस कार्यक्रम में 100 से ज्यादा ब्रांड, कारीगर और इनोवेटर्स हिस्सा ले रहे हैं। मंत्रालय की एडिशनल सेक्रेटरी Arti Kanwar ने बताया कि सरकार ऐसे आइडियाज को बढ़ावा देगी जो बाजार में बिकने लायक हों और जिन्हें लागू किया जा सके।
इस बदलाव में तकनीक का भी बड़ा हाथ है। IIT Delhi के प्रोफेसर Abhijeet Majumdar और प्रोफेसर B.S. Butola की टीम ने डेनिम के कचरे को रीसायकल करने का एक नया तरीका खोजा है। इस तकनीक से पुराने कपड़ों की क्वालिटी खराब नहीं होती और सॉफ्ट ट्रीटमेंट के बाद वे बिल्कुल नए कपड़ों जैसे महसूस होते हैं।
सरकारी नियमों में भी अब बदलाव किए गए हैं। Solid Waste Management Rules 2026 के तहत अब टेक्सटाइल कचरे को इंडस्ट्रियल फ्यूल के तौर पर इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई है। मंत्रालय की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 70% से ज्यादा टेक्सटाइल कचरा रिकवर किया जाता है, लेकिन इस्तेमाल किए जा चुके कपड़ों (post-consumer waste) का केवल 55% ही लैंडफिल से बचाया जा सका है। इस कमी को दूर करने के लिए अब सर्कुलर इकोनॉमी पर जोर दिया जा रहा है।
इवेंट में करिशमा जैसे कई युवा उद्यमी अपने काम का प्रदर्शन कर रहे हैं, जो पुरानी साड़ियों और दुपट्टों को नए कपड़ों में बदलकर दिखा रहे हैं। यह कोशिश पुराने समय की उस परंपरा को वापस ला रही है जहाँ घरों में पुरानी साड़ियों से फ्रॉक या बिछावन बनाए जाते थे। इस मुहिम में Vardhman और Arvind जैसी बड़ी कंपनियां भी अब सर्कुलरिटी को अपने काम में शामिल कर रही हैं।