Delhi में भीषण गर्मी के बीच पानी की किल्लत, पटेल नगर और करोल बाग में टैंकरों के लिए लग रही लंबी लाइनें

Delhi: राजधानी दिल्ली में भीषण गर्मी के बीच पानी की भारी किल्लत हो गई है। पटेल नगर, करोल बाग और राजेंद्र नगर जैसे इलाकों में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। जलापूर्ति ठप होने की वजह से लोग अब पूरी तरह पानी के टैंक

Delhi: राजधानी दिल्ली में भीषण गर्मी के बीच पानी की भारी किल्लत हो गई है। पटेल नगर, करोल बाग और राजेंद्र नगर जैसे इलाकों में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। जलापूर्ति ठप होने की वजह से लोग अब पूरी तरह पानी के टैंकरों पर निर्भर हैं और घंटों लंबी कतारों में खड़े होकर पानी भरने को मजबूर हैं। इस समस्या का असर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और उनके काम-काज पर भी पड़ रहा है।

दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के मुताबिक, वजीराबाद और चंद्रावल जल शोधन संयंत्रों में कच्चे पानी की कम आपूर्ति की वजह से पानी का उत्पादन घट गया है। 16 जून, 2026 तक बोर्ड ने 950-960 MGD पानी का उत्पादन किया, जबकि गर्मियों के लक्ष्य 1,000 MGD के मुकाबले यह कम था। दिल्ली की 2.3 करोड़ आबादी के लिए रोजाना लगभग 1380 MGD पानी की जरूरत होती है, जिससे करीब 380 MGD की भारी कमी बनी हुई है। यमुना का जलस्तर भी सामान्य से कम है, जिससे समस्या और बढ़ गई है।

जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने इस संकट से निपटने के लिए एक कार्य योजना बनाई है। उन्होंने बताया कि दिल्ली की 16,634 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन का 33 प्रतिशत हिस्सा 30 साल से ज्यादा पुराना हो चुका है, जिससे लीकेज की समस्या रहती है। अब पाइपलाइनों को बदलने का काम आठ जोन में बांटा गया है, जिसमें वजीराबाद और चंद्रावल जोन में काम शुरू हो चुका है। इसके अलावा, पुरानी डीएसबी नहर में होने वाली 40-45 प्रतिशत पानी की बर्बादी को रोकने के लिए IIT रुड़की से विशेष अध्ययन कराया जा रहा है।

सरकार ने मानसून से पहले 1 जून, 2026 को 1500 वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) प्रोजेक्ट शुरू किए हैं, ताकि भूजल स्तर को सुधारा जा सके। साथ ही, 12 जून को छतों की टंकियों से ओवरफ्लो होने वाले पानी को रोकने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि चंद्रावल प्लांट में स्थिति सुधर रही है और अगले दो से तीन दिनों में पानी का उत्पादन फिर से सामान्य हो सकता है। कच्चे पानी की आपूर्ति बढ़ाने के लिए हरियाणा सरकार के साथ भी बातचीत चल रही है।