Delhi: दिल्ली में गर्मियों के दौरान होने वाली पानी की किल्लत को दूर करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पानी के प्रबंधन को लेकर एक हाई लेवल मीटिंग की और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि पा
Delhi: दिल्ली में गर्मियों के दौरान होने वाली पानी की किल्लत को दूर करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पानी के प्रबंधन को लेकर एक हाई लेवल मीटिंग की और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि पानी की सप्लाई में कोई कमी नहीं आनी चाहिए। अब शहर में चलने वाले पानी के टैंकरों की निगरानी GPS के जरिए होगी ताकि लोगों को समय पर पानी मिल सके।
पानी की सप्लाई बढ़ाने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
सरकार ने पानी की किल्लत कम करने के लिए संसाधनों को बढ़ाया है। अब शहर में ट्यूबवेल की संख्या 5,834 से बढ़ाकर 6,200 कर दी गई है। साथ ही पानी के टैंकरों की संख्या 1,166 से बढ़ाकर 1,210 की गई है और 100 टैंकर स्टैंडबाय पर रखे गए हैं। फिक्स्ड वाटर सप्लाई पॉइंट्स को भी 8,700 से बढ़ाकर 13,000 कर दिया गया है ताकि ज्यादा से ज्यादा इलाकों में पानी पहुँच सके।
टैंकरों की ट्रैकिंग और शिकायतों का निपटारा कैसे होगा?
अब पानी के टैंकरों के लिए GPS ट्रैकिंग और एक मोबाइल ऐप शुरू किया गया है। इससे यह पता चलेगा कि टैंकर कहाँ है और पानी सही जगह पहुँच रहा है या नहीं। संगम विहार, मटियाला और छत्तरपुर जैसे ज्यादा डिमांड वाले इलाकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। शिकायतों के लिए 1916 और 1800117118 हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं और शहर में 28 वाटर इमरजेंसी सेंटर बनाए गए हैं।
भविष्य के लिए क्या योजनाएं हैं?
मुख्यमंत्री ने द्वारका में दूसरे 50 MGD वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा बवाना प्लांट में 2 MGD की क्षमता वाला रिसाइक्लिंग प्लांट भी शुरू होगा जिससे पानी का दोबारा इस्तेमाल हो सके। हरियाणा सरकार के साथ तालमेल बिठाया जा रहा है ताकि कच्चे पानी में अमोनिया का लेवल कंट्रोल रहे और ट्रीटमेंट प्लांट बिना रुके काम करते रहें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पानी की शिकायत के लिए किन नंबरों पर कॉल करें?
दिल्ली सरकार ने पानी से जुड़ी शिकायतों के लिए 24×7 हेल्पलाइन नंबर 1916 और 1800117118 जारी किए हैं, जहाँ लोग अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं।
टैंकरों की ट्रैकिंग के लिए क्या नया सिस्टम आया है?
NGT के आदेश और सरकार के एक्शन प्लान के तहत अब सभी कमर्शियल टैंकरों में GPS लगाना अनिवार्य है और इनके लिए एक समर्पित मोबाइल ऐप भी शुरू किया गया है।