Delhi: दिल्ली में गर्मी के मौसम में होने वाली पानी की भारी कमी से निपटने के लिए Rekha Gupta सरकार ने एक ठोस योजना तैयार की है। दिल्ली जल बोर्ड ने हरियाणा सरकार से 51 क्यूसेक सिंचाई पानी पीने के लिए देने और 100 क्यूसेक अत
Delhi: दिल्ली में गर्मी के मौसम में होने वाली पानी की भारी कमी से निपटने के लिए Rekha Gupta सरकार ने एक ठोस योजना तैयार की है। दिल्ली जल बोर्ड ने हरियाणा सरकार से 51 क्यूसेक सिंचाई पानी पीने के लिए देने और 100 क्यूसेक अतिरिक्त कच्चा पानी खरीदने का प्रस्ताव दिया है। इस योजना का मकसद दिल्ली में होने वाली 248 मिलियन गैलन प्रतिदिन की पानी की कमी को दूर करना है ताकि जनता को राहत मिल सके।
🚨: Punjab में Bihar के युवक को 35 साल तक बनाया बंधक, ‘गब्बर’ ने कराई मजदूरी, सहरसा लौटे वीरेंद्र की भावुक कहानी।
हरियाणा से पानी लेने के लिए क्या है दिल्ली सरकार का नया प्रस्ताव?
दिल्ली जल बोर्ड ने हरियाणा सिंचाई विभाग के सामने एक नया विकल्प रखा है। दिल्ली सरकार चाहती है कि हरियाणा अपने कोटे का 51 क्यूसेक सिंचाई वाला पानी पीने के काम के लिए दिल्ली को दे दे। इसके बदले में दिल्ली सरकार हरियाणा को खेती के लिए दोगुना यानी 102 क्यूसेक ट्रीटेड पानी वापस देने को तैयार है। इसके अलावा ₹71 प्रति 2,500 क्यूबिक फीट की दर पर 100 क्यूसेक अतिरिक्त कच्चा पानी खरीदने की भी बात चल रही है। यह अतिरिक्त पानी द्वारका फेज-2 और चंद्रावल के नए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को चलाने के लिए काफी जरूरी माना जा रहा है।
गर्मियों में पानी की सप्लाई और मेंटेनेंस को लेकर क्या हैं अन्य तैयारियां?
मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के साथ मिलकर गर्मियों की तैयारियों की समीक्षा की है। सरकार ने जल बोर्ड के बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए ₹9000 करोड़ का भारी बजट रखा है। दिल्ली के विभिन्न इलाकों में वार्षिक मेंटेनेंस का काम भी शुरू कर दिया गया है ताकि आने वाले दिनों में सप्लाई सुचारू रहे और लोगों को दिक्कत न हो।
| तैयारी का प्रकार |
मुख्य विवरण |
| टैंकरों की व्यवस्था |
819 किराए के और 168 सरकारी टैंकर तैनात |
| स्मार्ट फ्लोमीटर |
पानी की चोरी रोकने के लिए ₹13 करोड़ का प्रोजेक्ट |
| बजट आवंटन |
₹9000 करोड़ जल बोर्ड के बुनियादी ढांचे के लिए |
| पुराना समझौता |
1994 के जल बंटवारे समझौते पर दोबारा बातचीत होगी |
| अस्थायी कटौती |
रोहिणी और सुल्तानपुरी जैसे इलाकों में सफाई के कारण सप्लाई पर असर |
| इलाकों की मैपिंग |
पानी की कमी वाले संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान की गई |