Delhi में पानी की भारी किल्लत, लोग रात-रात भर जागकर भर रहे बाल्टी; गंदा पानी आने से बढ़ी परेशानी

Delhi: राजधानी दिल्ली में पानी की भारी किल्लत ने आम लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। लोग पानी की सप्लाई के लिए रात के अजीब समय पर अलार्म लगाकर जाग रहे हैं, वहीं कई लोग तो टैंकरों के इंतजार में अपनी नौकरी से छुट्टी तक ले

Delhi: राजधानी दिल्ली में पानी की भारी किल्लत ने आम लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। लोग पानी की सप्लाई के लिए रात के अजीब समय पर अलार्म लगाकर जाग रहे हैं, वहीं कई लोग तो टैंकरों के इंतजार में अपनी नौकरी से छुट्टी तक ले रहे हैं। स्थिति इतनी खराब है कि नलों से गंदा और बदबूदार पानी आ रहा है, जिससे लोगों की सेहत पर खतरा मंडरा रहा है।

दक्षिण दिल्ली के ग्रीन पार्क, हौज खास, दक्षिणपुरी, गुलमोहर पार्क और साउथ एक्सटेंशन जैसे इलाकों में यह संकट ज्यादा गहरा है। यहाँ न केवल पानी कम आ रहा है, बल्कि पानी के दबाव (Pressure) की भी भारी कमी है। कई घरों में तो नलों से कीड़े तक निकल रहे हैं। मजबूरी में लोग अब प्राइवेट टैंकर और बोतलबंद पानी पर पैसा खर्च कर रहे हैं।

सरकारी आंकड़ों की बात करें तो दिल्ली की गर्मी में पानी की मांग करीब 1,250 MGD है, लेकिन सप्लाई केवल 900-950 MGD के बीच हो रही है। वजीराबाद जलाशय का जलस्तर 668 फीट तक गिर गया है, जो कि जरूरी लेवल 674.5 फीट से काफी कम है। इस वजह से पानी के उत्पादन में 80-100 MGD की कमी आई है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस संकट को देखते हुए अधिकारियों को इमरजेंसी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। वहीं जल मंत्री परवेश वर्मा ने कहा कि दिल्ली जल बोर्ड (DJB) चौबीसों घंटे काम कर रहा है ताकि लोगों की परेशानी कम हो सके। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मुनक नहर के जरिए दिल्ली को कम से कम 1,000 क्यूसेक पानी देने का भरोसा दिया है।

इन्फ्रास्ट्रक्चर की समस्या भी इस संकट को बढ़ा रही है। इंडियन प्लंबिंग एसोसिएशन के एक्सपर्ट गुरमीत सिंह अरोरा के मुताबिक, दिल्ली की पुरानी और लीक होती पाइपलाइनों की वजह से करीब 50-55% पानी घरों तक पहुँचने से पहले ही बर्बाद हो जाता है। सरकार ने इस पूरे सिस्टम को सुधारने के लिए 9,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं ताकि लीकेज और चोरी को रोका जा सके।

इससे पहले मार्च 2026 में आई CAG की एक रिपोर्ट ने भी चेतावनी दी थी कि दिल्ली के 55% ग्राउंड वाटर सैंपल पीने लायक नहीं हैं। वर्तमान में दिल्ली जल बोर्ड ने 980 से ज्यादा टैंकर तैनात किए हैं जो रोजाना करीब 6,000 चक्कर लगाकर प्रभावित इलाकों में पानी पहुँचा रहे हैं।