Delhi: राजधानी में पारा 45 डिग्री के पार जा चुका है और लोग भीषण गर्मी से बेहाल हैं। ऐसे में दिल्ली के कई इलाकों में पानी की भारी किल्लत हो गई है। 18 मई की रात से शुरू हुई इस समस्या के कारण अगले दो दिनों तक पानी की सप्लाई
Delhi: राजधानी में पारा 45 डिग्री के पार जा चुका है और लोग भीषण गर्मी से बेहाल हैं। ऐसे में दिल्ली के कई इलाकों में पानी की भारी किल्लत हो गई है। 18 मई की रात से शुरू हुई इस समस्या के कारण अगले दो दिनों तक पानी की सप्लाई पर असर रहने की उम्मीद है।
पानी की कमी क्यों हो रही है?
दिल्ली जल बोर्ड के मुताबिक, यमुना नदी में अमोनिया का लेवल बढ़ गया है। इसके साथ ही हरियाणा की तरफ से मिलने वाले कच्चे पानी की मात्रा में भी कमी आई है। इस वजह से Wazirabad और Chandrawal जैसे बड़े वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में पानी बनाने की क्षमता घट गई है। Wazirabad प्लांट में करीब 10% और Chandrawal प्लांट में 15% उत्पादन कम हुआ है।
आम लोगों पर क्या होगा असर?
NDMC ने अलर्ट जारी करते हुए लोगों से पानी को सोच-समझकर इस्तेमाल करने की अपील की है। दिल्ली सरकार ने गर्मी से निपटने के लिए ‘Summer Action Plan 2026’ लागू किया है, जिसके तहत 1,002 MGD पानी सप्लाई करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, फिलहाल हीटवेव के ऑरेंज अलर्ट और प्लांट में खराबी के कारण लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है।
क्या जल्द ठीक होगी स्थिति?
Delhi Jal Board के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हरियाणा सरकार से पानी की मात्रा बढ़ाने के लिए बातचीत चल रही है। उन्हें उम्मीद है कि एक-दो दिन में स्थिति में सुधार हो जाएगा। फिलहाल दिल्ली के कई क्षेत्रों में पानी की कम सप्लाई या बिल्कुल सप्लाई न होने की समस्या बनी हुई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में पानी की कमी का मुख्य कारण क्या है?
यमुना नदी में अमोनिया का स्तर बढ़ने और हरियाणा से मिलने वाले कच्चे पानी की सप्लाई कम होने की वजह से दिल्ली में पानी का संकट पैदा हुआ है।
कौन से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट प्रभावित हुए हैं?
Wazirabad और Chandrawal वाटर ट्रीटमेंट प्लांट प्रभावित हुए हैं, जिनमें उत्पादन क्षमता क्रमशः 10% और 15% तक गिर गई है।