Delhi: राजधानी दिल्ली के दर्जनों इलाकों में रहने वाले लोगों को अगले कुछ दिनों तक पानी की भारी किल्लत झेलनी पड़ेगी। यमुना नदी में अमोनिया का स्तर बढ़ने से शहर के दो मुख्य वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का उत्पादन आधा रह गया है। दि
Delhi: राजधानी दिल्ली के दर्जनों इलाकों में रहने वाले लोगों को अगले कुछ दिनों तक पानी की भारी किल्लत झेलनी पड़ेगी। यमुना नदी में अमोनिया का स्तर बढ़ने से शहर के दो मुख्य वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का उत्पादन आधा रह गया है। दिल्ली जल बोर्ड ने स्वीकार किया है कि कई इलाकों में पानी कम दबाव पर आएगा, जिससे आम जनता को परेशानी हो सकती है।
किन इलाकों में होगा पानी का संकट और क्या है कारण
यमुना में अमोनिया की मात्रा 2.8 PPM से ज्यादा होने की वजह से वजीराबाद और चंद्रावल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTP) अपनी क्षमता के केवल 40-50% पर काम कर रहे हैं। इस वजह से मजनू का टीला, आईटीओ, डिफेंस कॉलोनी, पंजाबी बाग, आजादपुर, मॉडल टाउन, करोल बाग, पटेल नगर और राजेंद्र नगर जैसे 30 से ज्यादा बड़े इलाकों में पानी की कमी होगी। द्वारका की कुछ CGHS सोसायटियों में भी पिछले 30 दिनों से यह समस्या बनी हुई है।
सरकार और प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं
LG सरदार तरनजीत सिंह संधू ने DDA को 77 जल-निकायों के पुनरुद्धार का निर्देश दिया है, जिसमें से कुछ का काम 30 से 90 दिनों में पूरा होगा। वहीं, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि पानी की मांग वाले क्षेत्रों जैसे संगम विहार, मटियाला और बवाना में अतिरिक्त ट्यूबवेल लगाए गए हैं। कुल ट्यूबवेलों की संख्या अब 6,200 हो गई है। दिल्ली जल बोर्ड अब पार्कों और निर्माण कार्यों के लिए शोधित अपशिष्ट जल (Treated Waste Water) के इस्तेमाल की नई नीति पर काम कर रहा है।
प्रभावित क्षेत्रों की पूरी जानकारी
| प्लांट का नाम |
प्रभावित प्रमुख इलाके |
| वजीराबाद WTP |
मजनू का टीला, ISBT, GPO, NDMC क्षेत्र, आईटीओ, डिफेंस कॉलोनी, पंजाबी बाग, आजादपुर, मॉडल टाउन, बुराड़ी |
| चंद्रावल WTP |
करोल बाग, झंडेवालान, हिंदू राव, सिविल लाइंस, पटेल नगर, राजेंद्र नगर, शादीपुर |
| अन्य क्षेत्र |
द्वारका (मधु विहार की 7 सोसायटियां) और पूर्वी दिल्ली के कई इलाके |
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में पानी की कमी का मुख्य कारण क्या है?
यमुना नदी में अमोनिया का स्तर बढ़ने से वजीराबाद और चंद्रावल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का उत्पादन 40-50% तक घट गया है, जिससे सप्लाई प्रभावित हुई है।
जल संकट से निपटने के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं?
दिल्ली जल बोर्ड ने 520 अतिरिक्त ट्यूबवेल लगाए हैं और टैंकरों की संख्या बढ़ाई है। साथ ही, गैर-पीने योग्य कामों के लिए शोधित अपशिष्ट जल के उपयोग की योजना बनाई जा रही है।