Delhi: दिल्ली सरकार ने वोटर लिस्ट को सही करने के लिए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए सरकार ने अपने 5,000 कर्मचारियों, 400 से ज्यादा नौकरशाहों और कॉन्ट्रैक्ट स्टाफ को पुरानी वोटर लिस्ट के सा
Delhi: दिल्ली सरकार ने वोटर लिस्ट को सही करने के लिए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए सरकार ने अपने 5,000 कर्मचारियों, 400 से ज्यादा नौकरशाहों और कॉन्ट्रैक्ट स्टाफ को पुरानी वोटर लिस्ट के साथ नाम और जानकारियों का मिलान करने को कहा है। यह पूरी प्रक्रिया चुनाव आयोग की देखरेख में हो रही है ताकि लिस्ट से गलत नाम हटाए जा सकें और सही लोगों को जोड़ा जा सके।
SIR प्रक्रिया का मकसद क्या है और कौन शामिल है
Election Commission of India (ECI) द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान देशभर के 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू हुआ है। इसका मुख्य उद्देश्य वोटर लिस्ट से उन लोगों के नाम हटाना है जिनकी मृत्यु हो चुकी है, जो स्थायी रूप से दूसरी जगह शिफ्ट हो गए हैं या जिनके नाम दो बार लिखे हैं। इस काम में Chief Electoral Officer (CEO) Delhi और बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) घर-घर जाकर वेरिफिकेशन करेंगे।
वोटर्स के लिए जरूरी नियम और पात्रता क्या है
इस रिवीजन के लिए 1 जनवरी 2026 की तारीख को क्वालीफाइंग डेट माना गया है। अगर किसी वोटर का नाम लिस्ट में नहीं है या गलत है, तो वे दावा या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। खास बात यह है कि 35 साल से कम उम्र के लोगों को अपनी नागरिकता साबित करने के लिए जरूरी दस्तावेज या अपने माता-पिता के कागजात देने पड़ सकते हैं।
नाम सुधारने या जोड़ने के लिए क्या करें
आम लोग अपनी डिटेल्स को ECI के वोटर पोर्टल, वोटर हेल्पलाइन ऐप या सक्षम ऐप के जरिए ऑनलाइन चेक और अपडेट कर सकते हैं। इसके अलावा BLO के पास जाकर ऑफलाइन फॉर्म भी भरे जा सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन के लिए EPIC नंबर, मोबाइल नंबर, पासपोर्ट साइज फोटो और एड्रेस प्रूफ की जरूरत होगी। ध्यान रहे कि आधार कार्ड को नागरिकता का सबूत नहीं माना जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
वोटर लिस्ट में सुधार के लिए कौन से दस्तावेज चाहिए
ऑनलाइन आवेदन के लिए EPIC नंबर, मोबाइल नंबर, पासपोर्ट साइज फोटो और पते का प्रमाण चाहिए। आधार कार्ड ई-साइन के लिए इस्तेमाल होगा, लेकिन इसे नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाएगा।
SIR प्रक्रिया में किन लोगों के नाम हटाए जाएंगे
इस प्रक्रिया के तहत मृत लोगों, स्थायी रूप से शिफ्ट हो चुके लोगों, डुप्लीकेट एंट्री और गैर-नागरिकों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाएंगे।