Delhi में वोटर लिस्ट अपडेट करने का काम शुरू, 2 दिन में बांटे गए 10 लाख फॉर्म

Delhi: दिल्ली में वोटर लिस्ट को एकदम सही और अपडेट करने के लिए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) सर्वे शुरू हो गया है। इस अभियान का मकसद यह पक्का करना है कि कोई भी असली वोटर छूट न जाए और लिस्ट से गलत नामों को हटाया जा सके। मंग

Delhi: दिल्ली में वोटर लिस्ट को एकदम सही और अपडेट करने के लिए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) सर्वे शुरू हो गया है। इस अभियान का मकसद यह पक्का करना है कि कोई भी असली वोटर छूट न जाए और लिस्ट से गलत नामों को हटाया जा सके। मंगलवार, 30 जून 2026 से शुरू हुए इस काम में अब तक लाखों लोग जुड़ चुके हैं।

बुधवार तक के आंकड़ों के मुताबिक, करीब 10 लाख फॉर्म बांटे जा चुके हैं और 32 हजार से ज्यादा फॉर्म डिजिटल किए गए हैं। यह दिल्ली के कुल वोटरों का लगभग 7 प्रतिशत हिस्सा है। नॉर्थ ईस्ट जिले में सबसे ज्यादा फॉर्म बांटे गए, जबकि साउथ वेस्ट जिला डिजिटल काम में सबसे आगे रहा। वहीं पुरानी दिल्ली में काम की रफ्तार सबसे कम देखी गई। पहले दिन यानी 30 जून को 1,68,291 फॉर्म बांटे गए थे और 7,605 को डिजिटल किया गया था।

इस पूरे काम के लिए दिल्ली की सभी 70 विधानसभा सीटों और 13,033 बूथों पर 13 हजार से ज्यादा बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) तैनात किए गए हैं। ये अधिकारी 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक घर-घर जाकर वेरिफिकेशन करेंगे। अगर कोई घर पर नहीं मिलता है, तो BLO कम से कम तीन बार वहां जाएगा और घर बंद होने पर नोटिस छोड़ेगा। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार ने साफ किया है कि पात्र वोटरों का नाम लिस्ट में रहेगा और अपात्र लोगों के नाम हटा दिए जाएंगे।

वोटर लिस्ट में अपना नाम बनाए रखने के लिए SIR फॉर्म भरना जरूरी है। लोग इसे BLO के जरिए या ऑनलाइन पोर्टल पर जमा कर सकते हैं। वेरिफिकेशन के लिए 10वीं की मार्कशीट, पते का सबूत, पासपोर्ट, जाति प्रमाण पत्र, सरकारी मकान का अलॉटमेंट लेटर या आधार कार्ड जैसे दस्तावेज देने होंगे।

महत्वपूर्ण तारीखें तारीख
सर्वे की अवधि 30 जून से 29 जुलाई 2026
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का प्रकाशन 5 अगस्त 2026
दावे और आपत्तियां दर्ज करने का समय 5 अगस्त से 4 सितंबर 2026
फाइनल वोटर लिस्ट जारी होना 7 अक्टूबर 2026