Delhi में 29 लाख वोटरों के नाम कटने का खतरा, 17 अगस्त से पहले चेक करें अपनी वोटर लिस्ट
Delhi: दिल्ली के लाखों मतदाताओं के लिए एक जरूरी खबर है। चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान के चलते करीब 29 लाख लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटने की आशंका है। अगर आपने समय रहते अपने पते या जानकारी को अपडेट नह
Delhi: दिल्ली के लाखों मतदाताओं के लिए एक जरूरी खबर है। चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान के चलते करीब 29 लाख लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटने की आशंका है। अगर आपने समय रहते अपने पते या जानकारी को अपडेट नहीं किया, तो आप अपना वोट देने का अधिकार खो सकते हैं।
चुनाव आयोग यह अभियान मतदाता सूचियों को शुद्ध करने के लिए चला रहा है। दिल्ली की बड़ी आबादी अक्सर अपना घर बदलती रहती है और पते को अपडेट नहीं कराती, इसी वजह से लगभग 15-20% मतदाताओं के नाम कटने का जोखिम है। बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन करने की तारीख अब बढ़ाकर 8 अगस्त, 2026 कर दी गई है।
वोटर लिस्ट का पहला मसौदा (Draft) अब 17 अगस्त, 2026 को जारी किया जाएगा। इसके बाद लोग अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। पूरी प्रक्रिया के बाद अंतिम वोटर लिस्ट 19 अक्टूबर, 2026 को प्रकाशित होगी।
| विवरण | तारीख/जानकारी |
|---|---|
| घर-घर सत्यापन की अंतिम तिथि | 8 अगस्त, 2026 |
| ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का प्रकाशन | 17 अगस्त, 2026 |
| अंतिम वोटर लिस्ट का प्रकाशन | 19 अक्टूबर, 2026 |
| नया पंजीकरण फॉर्म | फॉर्म-6 |
| सुधार के लिए फॉर्म | फॉर्म-8 |
| संभावित नाम हटने की संख्या | करीब 29 लाख |
नए पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 भरना होता है। ऑनलाइन फॉर्म भरने वालों के लिए अब यह जरूरी है कि वे अपने या अपने माता-पिता के पिछले वोटर लिस्ट विवरण की जानकारी दें। हालांकि, ऑफलाइन फॉर्म में यह नियम लागू नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने इस पूरी प्रक्रिया को सही ठहराया है और कहा है कि नाम हटने से केवल वोट देने के अधिकार पर असर पड़ेगा, नागरिकता या सरकारी योजनाओं पर नहीं।
दूसरी तरफ, आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि गरीब और प्रवासी लोगों के नाम जानबूझकर हटाए जा रहे हैं और कई इलाकों में फॉर्म भी नहीं बांटे गए। बेघर लोगों के लिए सत्यापन करना मुश्किल हो रहा है क्योंकि उनके पास पते के दस्तावेज नहीं होते हैं।