Delhi: राजधानी के विवेक विहार इलाके में 3 मई 2026 की तड़के सुबह एक भीषण आग लगी जिसमें 9 लोगों की जान चली गई। इस हादसे के बाद अब प्रशासन और दमकल विभाग के बीच खींचतान शुरू हो गई है। जहाँ स्थानीय लोग दमकलकर्मियों की लापरवाह
Delhi: राजधानी के विवेक विहार इलाके में 3 मई 2026 की तड़के सुबह एक भीषण आग लगी जिसमें 9 लोगों की जान चली गई। इस हादसे के बाद अब प्रशासन और दमकल विभाग के बीच खींचतान शुरू हो गई है। जहाँ स्थानीय लोग दमकलकर्मियों की लापरवाही और उपकरणों की कमी का आरोप लगा रहे हैं, वहीं विभाग ने इन दावों को गलत बताया है।
हादसे में क्या हुआ और अब तक क्या खुलासे हुए?
शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट या AC ब्लास्ट बताई जा रही है। इस अग्निकांड में 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि एक व्यक्ति 30 प्रतिशत तक झुलस गया। पुलिस अब बिल्डर की भूमिका की जांच कर रही है और MCD से इमारत के नक्शे और कंप्लीशन सर्टिफिकेट की जानकारी मांगी गई है। प्रशासन आग के सही समय और बचाव कार्य की टाइमिंग जानने के लिए 3D लेजर मैपिंग जैसी तकनीक का इस्तेमाल करने वाला है।
इमारत में सुरक्षा की क्या कमियां थीं?
जांच में सामने आया कि चार मंजिला इमारत में केवल एक ही सीढ़ी थी और कोई इमरजेंसी एग्जिट नहीं था। छत पर ताला लगा होने की वजह से ऊपर गए लोग फंस गए। इसके अलावा, दरवाजों पर लगे इलेक्ट्रॉनिक लॉक आग के बाद खुले नहीं और पीछे लगी लोहे की ग्रिल ने बचाव कार्य में बाधा डाली। MCD की जांच में यह भी पता चला कि नियमों के खिलाफ जाकर 6 की जगह 8 आवासीय यूनिट्स बनाई गई थीं।
दमकल विभाग और पीड़ितों के दावों में क्या अंतर है?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि दमकल गाड़ियां 20 मिनट की देरी से पहुंचीं और पाइप जोड़ने में आधा घंटा लग गया। उनका कहना है कि पानी का दबाव कम था और लोहे के जाल काटने के लिए कटर नहीं थे। दूसरी तरफ, DFS अधिकारी मुकेश वर्मा ने कहा कि पहली गाड़ी 5 से 6 मिनट में पहुंच गई थी। उन्होंने साफ किया कि पानी की कोई कमी नहीं थी और बैटरी से चलने वाले कटर पूरी तरह काम कर रहे थे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस घटना पर दुख जताया है और दिल्ली सरकार ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक ‘फायर फाइटिंग मास्टर प्लान’ तैयार करने का फैसला किया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
विवेक विहार अग्निकांड में कितने लोग हताहत हुए?
इस हादसे में कुल 9 लोगों की मौत हो गई। दमकल कर्मियों ने करीब 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिनमें से एक व्यक्ति 30% तक झुलस गया था।
इमारत में किन सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाया गया?
इमारत में इमरजेंसी एग्जिट नहीं था, छत पर ताला लगा था और निर्धारित 6 के बजाय 8 आवासीय इकाइयां बनाई गई थीं। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक लॉक और ग्रिल ने बचाव कार्य में बाधा डाली।