Delhi: राजधानी के विवेक विहार इलाके में रविवार तड़के एक रिहायशी इमारत में भीषण आग लग गई। इस हादसे में तीन परिवारों के कुल 9 लोगों की जान चली गई, जिनमें एक डेढ़ साल का बच्चा भी शामिल है। आग इतनी भयानक थी कि लोग अंदर ही फं
Delhi: राजधानी के विवेक विहार इलाके में रविवार तड़के एक रिहायशी इमारत में भीषण आग लग गई। इस हादसे में तीन परिवारों के कुल 9 लोगों की जान चली गई, जिनमें एक डेढ़ साल का बच्चा भी शामिल है। आग इतनी भयानक थी कि लोग अंदर ही फंस गए और समय पर बाहर नहीं निकल पाए। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने इस दुखद घटना पर शोक जताया और मृतकों के परिजनों के लिए 2 लाख रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है।
आग लगने की वजह और बचाव में क्या रही दिक्कतें?
शुरुआती जांच में पता चला है कि दूसरी मंजिल पर लगे एक AC यूनिट में शॉर्ट-सर्किट या ब्लास्ट की वजह से आग लगी। इस हादसे में सबसे बड़ी समस्या ‘सेंट्रल लॉक’ सिस्टम की रही। बिजली कटते ही इलेक्ट्रॉनिक लॉक बंद हो गए, जिससे लोग कमरे के अंदर ही कैद हो गए। साथ ही, सुरक्षा के लिए बालकनी और खिड़कियों पर लगाई गई मोटी लोहे की ग्रिल बचाव कार्य में बाधा बनी। फायर फाइटर्स को ग्रिल काटकर रास्ता बनाना पड़ा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। छत का दरवाजा भी बंद था, जिसके पास मां और बेटे समेत तीन शव एक-दूसरे को पकड़े हुए मिले।
मृतकों की पहचान और सरकारी मदद
इस हादसे में जान गंवाने वालों में अरविंद जैन (60), अनीता जैन (58), निशांत जैन (35), आंचल जैन (33), आकाश जैन (1), शिखा जैन (45), नितिन जैन (50), शैली जैन (48) और समyank जैन (25) शामिल हैं। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और प्रशासन को राहत कार्यों में पूरी मदद करने को कहा है। दिल्ली पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर सबूत जुटा रही है ताकि लापरवाही का पता लगाया जा सके।
इमारत के डिजाइन और सुरक्षा में बड़ी चूक
जांच में सामने आया कि इस चार मंजिला इमारत में केवल एक ही संकरी सीढ़ी थी, जो धुएं और आग की वजह से जल्दी ही बंद हो गई। नियमों के मुताबिक ऐसी इमारतों में एक मंजिल पर एक फ्लैट होना चाहिए, लेकिन यहां हर मंजिल पर दो फ्लैट थे, जिससे भीड़ ज्यादा थी और निकलने का रास्ता कम। कुछ पड़ोसियों ने यह भी बताया कि इमारत दिल्ली-यूपी बॉर्डर के पास होने की वजह से शुरुआती कॉल गलती से यूपी पुलिस कंट्रोल रूम में चले गए थे, जिससे समय की बर्बादी हुई।
Frequently Asked Questions (FAQs)
विवेक विहार आग हादसे में कुल कितने लोगों की मौत हुई?
इस हादसे में तीन परिवारों के कुल 9 लोगों की मौत हुई, जिनमें एक छोटा बच्चा भी शामिल था। मृतकों में जैन परिवार के सदस्य थे।
बचाव कार्य में सबसे बड़ी बाधा क्या रही?
बिजली गुल होने से सेंट्रल लॉक सिस्टम बंद हो गया और बालकनी में लगी लोहे की मोटी ग्रिल व बंद छत के दरवाजे की वजह से लोग बाहर नहीं निकल सके।