Delhi: राजधानी के विवेक विहार इलाके में रविवार, 3 मई 2026 को एक भीषण आग लगी जिसमें एक छोटे बच्चे समेत 9 लोगों की जान चली गई। शुरुआती जांच में इस हादसे की वजह AC ब्लास्ट को माना जा रहा है। दिल्ली सरकार और पुलिस प्रशासन रा
Delhi: राजधानी के विवेक विहार इलाके में रविवार, 3 मई 2026 को एक भीषण आग लगी जिसमें एक छोटे बच्चे समेत 9 लोगों की जान चली गई। शुरुआती जांच में इस हादसे की वजह AC ब्लास्ट को माना जा रहा है। दिल्ली सरकार और पुलिस प्रशासन राहत कार्य में जुटे हैं और मामले की गहराई से जांच की जा रही है।
हादसे की वजह और अब तक की आधिकारिक जानकारी क्या है?
दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने बताया कि आग AC यूनिट में खराबी की वजह से लगी हो सकती है। एक डिलीवरी एजेंट ने सबसे पहले AC आउटलेट में स्पार्किंग देखी थी। वहीं बीजेपी विधायक संजय गोयल के मुताबिक शॉर्ट सर्किट भी इस हादसे का मुख्य कारण हो सकता है। अधिकारियों का अनुमान है कि दूसरी मंजिल पर लगे AC यूनिट में शॉर्ट सर्किट हुआ जिससे आग तेजी से फैली।
प्रशासन ने क्या कदम उठाए और क्या कहा?
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस घटना को बेहद दुखद बताया और प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने जानकारी दी कि घायलों का इलाज नजदीकी अस्पताल में चल रहा है। राहत और बचाव कार्यों के लिए दिल्ली सरकार, दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (DDMA), दिल्ली फायर सर्विस और दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर तैनात रहे।
AC के सुरक्षित इस्तेमाल के लिए सरकार के नए नियम क्या हैं?
सुरक्षा और बिजली बचाने के लिए भारत सरकार AC के तापमान को लेकर नए नियम लाने की तैयारी में है। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने जून 2025 के आसपास संकेत दिया था कि नए AC की सेटिंग 20°C से 28°C के बीच तय की जाएगी। इससे पहले BEE ने 24-25°C का सुझाव दिया था और 2020 में 24°C की डिफॉल्ट सेटिंग अनिवार्य की गई थी। इन नियमों का मकसद बिजली की खपत कम करना और मशीनों को सुरक्षित तरीके से चलाना है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
विवेक विहार हादसे का मुख्य कारण क्या बताया जा रहा है?
प्रारंभिक जांच और अधिकारियों के अनुसार, दूसरी मंजिल पर स्थित एक AC यूनिट में शॉर्ट सर्किट या ब्लास्ट होने की वजह से यह भीषण आग लगी।
सरकार AC के तापमान को लेकर क्या नया नियम ला रही है?
सरकार नए AC यूनिट्स में तापमान की रेंज 20°C से 28°C के बीच सीमित करने की योजना बना रही है ताकि बिजली की बचत हो और सुरक्षा बढ़े।