Delhi के वेन्यू मालिक ने उठाई आवाज, कहा- Pride Month की रंगीन ब्रांडिंग नहीं, साल भर चाहिए सम्मान

Delhi: राजधानी दिल्ली के एक वेन्यू मालिक ने LGBTQIA+ समुदाय के प्रति समाज और कंपनियों के नजरिए पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि साल में सिर्फ एक महीना इंद्रधनुषी झंडों और ब्रांडिंग से काम नहीं चलता, बल्कि असली बदलाव तब

Delhi: राजधानी दिल्ली के एक वेन्यू मालिक ने LGBTQIA+ समुदाय के प्रति समाज और कंपनियों के नजरिए पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि साल में सिर्फ एक महीना इंद्रधनुषी झंडों और ब्रांडिंग से काम नहीं चलता, बल्कि असली बदलाव तब आएगा जब साल के बाकी ग्यारह महीनों में भी इस समुदाय को बराबरी का हक और सम्मान मिलेगा।

Times of India की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस वेन्यू मालिक ने कहा कि ‘रेनबो ब्रांडिंग’ सिर्फ एक महीने तक सीमित रहती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सच्ची प्रतिबद्धता केवल दिखावे के कैंपेन चलाने में नहीं, बल्कि नौकरी देने के तरीकों, स्टाफ के व्यवहार और सुरक्षित माहौल बनाने में होती है। उनका मानना है कि जब तक कार्यस्थलों पर भेदभाव खत्म नहीं होगा, तब तक ऐसी ब्रांडिंग का कोई खास मतलब नहीं है।

इस चर्चा के बीच यह बात भी सामने आई कि queer समुदाय के लोग अब सिर्फ दूसरों की भागीदारी का हिस्सा नहीं रहना चाहते। वे खुद अपने संस्थान बनाना चाहते हैं और अपनी शर्तों पर संस्कृति को आकार देना चाहते हैं। इसी तरह की बातें 30 जून 2026 को ड्रैग परफॉर्मर Alex Mathew (Maya the Drag Queen) ने भी कही थीं, जिन्होंने queer समुदाय को एक ‘सीजनल ट्रेंड’ की तरह इस्तेमाल किए जाने पर चिंता जताई थी।

जून 2026 से ही ‘रेनबो कैपिटलिज्म’ को लेकर बहस छिड़ी हुई है, जिसमें यह मांग की जा रही है कि कंपनियां सिर्फ जून के महीने में ही नहीं, बल्कि पूरे साल इस समुदाय के साथ जुड़ाव रखें और उन्हें असल मौके दें।