Delhi-Varanasi बुलेट ट्रेन से लखनऊ का सफर होगा आसान, जेवर से सिर्फ 100 मिनट में पहुंचेंगे यात्री
UP/Delhi: दिल्ली से वाराणसी के बीच चलने वाली बुलेट ट्रेन अब उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए सफर को बेहद आसान और तेज बनाने वाली है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया है कि इस हाई-स्पीड कॉरिडोर की मदद से जेवर से लखनऊ की दूरी
UP/Delhi: दिल्ली से वाराणसी के बीच चलने वाली बुलेट ट्रेन अब उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए सफर को बेहद आसान और तेज बनाने वाली है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया है कि इस हाई-स्पीड कॉरिडोर की मदद से जेवर से लखनऊ की दूरी अब सिर्फ 100 मिनट में पूरी हो जाएगी। इस प्रोजेक्ट से न केवल समय बचेगा, बल्कि राज्य के विकास को भी नई गति मिलेगी।
केंद्रीय बजट 2026-27 में सात नई हाई-स्पीड रेल लाइनों की घोषणा की गई थी, जिसमें दिल्ली-वाराणसी कॉरिडोर एक अहम हिस्सा है। इस प्रोजेक्ट की कमान National High-Speed Rail Corporation Limited (NHSRCL) के हाथों में है। खास बात यह है कि नोएडा के जेवर एयरपोर्ट पर एक अंडरग्राउंड स्टेशन बनेगा, जिससे यह देश का पहला ऐसा एयरपोर्ट होगा जो सीधे बुलेट ट्रेन से जुड़ा होगा।
इस पूरी परियोजना से जुड़ी मुख्य जानकारियां नीचे दी गई हैं:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| जेवर से लखनऊ का समय | 1 घंटा 40 मिनट (100 मिनट) |
| दिल्ली से लखनऊ का समय | 2 घंटे 10 मिनट |
| दिल्ली से वाराणसी का समय | 3 घंटे 15 मिनट से 3 घंटे 50 मिनट |
| कुल लंबाई | 865 किमी (लखनऊ-अयोध्या स्पर लाइन सहित) |
| अनुमानित लागत | 1.21 लाख करोड़ रुपये |
| कुल स्टेशन | 13 स्टेशन |
| ट्रेन की डिजाइन स्पीड | 350 किमी प्रति घंटा |
| लक्ष्य वर्ष | 2029 तक परिचालन |
सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब सिविल स्ट्रक्चर, पुल और सुरंगों के लिए भारत अपने खुद के डिजाइन मानकों का इस्तेमाल करेगा। फिलहाल NHSRCL जमीन अधिग्रहण और जरूरी मंजूरियों के काम में तेजी ला रहा है। स्टैंडिंग कमेटी ऑन रेलवेज ने भी सलाह दी है कि काम समय पर पूरा करने के लिए कानूनी मंजूरियां पहले ली जाएं। इस कॉरिडोर में 135 किमी की लखनऊ-अयोध्या स्पर लाइन भी शामिल है, जो धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगी।