Delhi: उत्तम नगर में होली के दौरान हुई हिंसक झड़प के मामले में दिल्ली की Juvenile Justice Board (JJB) ने दो नाबालिग आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने साफ कहा कि अगर इन्हें अभी रिहा किया गया तो इलाके की शा
Delhi: उत्तम नगर में होली के दौरान हुई हिंसक झड़प के मामले में दिल्ली की Juvenile Justice Board (JJB) ने दो नाबालिग आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने साफ कहा कि अगर इन्हें अभी रिहा किया गया तो इलाके की शांति भंग हो सकती है। यह फैसला 9 अप्रैल 2026 को सुनाया गया जिसके बाद अब ये दोनों नाबालिग ऑब्जर्वेशन होम में ही रहेंगे।
कोर्ट ने जमानत देने से क्यों किया मना?
Presiding Officer Chitranshi Arora ने अपने फैसले में कहा कि आरोपियों की रिहाई से जनता की शांति गड़बड़ा सकती है और न्याय व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कम हो सकता है। बोर्ड ने यह भी माना कि बाहर आने पर इन नाबालिगों को शारीरिक और मानसिक खतरे का सामना करना पड़ सकता है। कोर्ट ने मामले की गंभीरता और सांप्रदायिक तनाव की संभावना को देखते हुए यह कदम उठाया है।
क्या था पूरा मामला और अब क्या स्थिति है?
यह घटना 4 मार्च 2026 को होली के दिन हुई थी, जिसमें दो पड़ोसी परिवारों के बीच विवाद हुआ था। इस हिंसा में 26-27 साल के तरुण (Tarun) नाम के व्यक्ति की मौत हो गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस और Rapid Action Force (RAF) को इलाके में तैनात करना पड़ा था।
- घटना की तारीख: 4 मार्च 2026
- कोर्ट का फैसला: 9 अप्रैल 2026
- मृतक: तरुण (Tarun)
- मुख्य कारण: शांति व्यवस्था बनाए रखना और आरोपियों की सुरक्षा
जांच में क्या बातें सामने आईं?
बोर्ड ने Social Investigation Reports और अन्य मानसिक जांच रिपोर्टों को देखा। इनमें पाया गया कि नाबालिगों को माता-पिता की सही देखरेख नहीं मिली और उन पर गलत दोस्तों का असर था। पुलिस और सरकारी वकील ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि अभी कई आरोपी फरार हैं और सबूत जुटाने का काम चल रहा है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इन्हें ऑब्जर्वेशन होम में रखना सजा नहीं बल्कि इनके सुधार और सुरक्षा के लिए है।