Delhi और UP में फायर सेफ्टी पर सख्ती, Gorakhpur में 40% इमारतों के पास नहीं है Fire NOC

UP/Delhi: दिल्ली और लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद अब प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। जांच में यह बात सामने आई है कि बड़ी संख्या में इमारतें बिना फायर सेफ्टी नियमों के चल रही हैं। अब Gorakhpur, Ghaziabad और Delh

UP/Delhi: दिल्ली और लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद अब प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। जांच में यह बात सामने आई है कि बड़ी संख्या में इमारतें बिना फायर सेफ्टी नियमों के चल रही हैं। अब Gorakhpur, Ghaziabad और Delhi में बड़े पैमाने पर ऑडिट और जांच शुरू कर दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

Gorakhpur Development Authority (GDA) की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि शहर की करीब 40 प्रतिशत इमारतों के पास Fire NOC नहीं है। दिल्ली में होटल में लगी आग के बाद यह जांच शुरू की गई थी। अब उन सभी भवन मालिकों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं जिन्होंने सुरक्षा मानकों की अनदेखी की है।

वहीं Ghaziabad Development Authority (GDA) ने भी अपना अभियान तेज कर दिया है। Gaur Green Avenue में लगी आग के बाद जिले भर में जांच चली, जिसमें 206 मामलों में गंभीर कमियां मिलीं। इनमें से 56 इमारतों को सील करने की कार्रवाई शुरू हो चुकी है। GDA ने फायर ब्रिगेड को आधुनिक मशीनें खरीदने के लिए 100 करोड़ रुपये की मदद भी दी है। साथ ही सभी हाउसिंग सोसायटियों की RWA को निर्देश दिए गए हैं कि वे फायर अलार्म और स्प्रिंकलर सिस्टम को चालू रखें और समय-समय पर मॉक ड्रिल करें।

राजधानी Delhi में भी हालात चिंताजनक हैं। लक्ष्मी नगर और शकarpur के कोचिंग सेंटरों की जांच में पाया गया कि कई सेंटर बिना NOC के चल रहे हैं। वहां एंट्री और एग्जिट के रास्ते बहुत संकरे हैं और कई अग्निशमन यंत्रों (Fire Extinguishers) की तारीख निकल चुकी है। कुछ सेंटरों में बायोमेट्रिक लॉक लगे हैं, जो इमरजेंसी के समय लोगों को अंदर फंसा सकते हैं।

इन घटनाओं के बाद दिल्ली सरकार ने 28 मई 2026 को ‘Delhi Fire Service (Amendment) Rules, 2025’ लागू किया है। अब थर्ड पार्टी ऑडिटर्स से सुरक्षा जांच कराई जाएगी और पूरी निगरानी ऑटोमेटेड सिस्टम से होगी। दिल्ली के LG तरणजीत सिंह संधू और गृह मंत्री आशीष सूद ने साफ किया है कि स्कूलों, अस्पतालों और नाइट शेल्टरों में नियमित ऑडिट होगा ताकि कोई भी ‘ब्लाइंड स्पॉट’ न रहे।

लखनऊ के अलीगंज में हुए हादसे में 15 बच्चों की मौत के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने SIT जांच के आदेश दिए थे। इस मामले में लापरवाही बरतने वाले लखनऊ विकास प्राधिकरण और बिजली विभाग के चार अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है। प्रशासन अब उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 के तहत सख्त कार्रवाई कर रहा है।