Delhi: दिल्ली यूनिवर्सिटी के यूनिवर्सिटी हॉस्टल फॉर विमेन (UHW) में छात्राओं ने जबरन हॉस्टल खाली कराने और भारी जुर्माने के खिलाफ आधी रात को विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन 21 मई 2026 की रात करीब 9:30 बजे शुरू हुआ और शुक
Delhi: दिल्ली यूनिवर्सिटी के यूनिवर्सिटी हॉस्टल फॉर विमेन (UHW) में छात्राओं ने जबरन हॉस्टल खाली कराने और भारी जुर्माने के खिलाफ आधी रात को विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन 21 मई 2026 की रात करीब 9:30 बजे शुरू हुआ और शुक्रवार सुबह तक चला। छात्राओं की मांग के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन को झुकना पड़ा और अब उन्हें बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के 30 जून 2026 तक हॉस्टल में रुकने की अनुमति मिल गई है।
छात्राओं ने क्यों किया प्रदर्शन और क्या थे आरोप?
छात्राओं का आरोप था कि प्रशासन उन्हें जबरन हॉस्टल से बाहर निकाल रहा था। All India Students’ Association (AISA) ने कहा कि प्रशासन ने 450 रुपये प्रतिदिन का जुर्माना लगाया था, जिसे उन्होंने वसूली बताया। कई छात्राएं अपनी सेमेस्टर परीक्षाओं की तैयारी कर रही थीं, जबकि कुछ Re-NEET और NET जैसी बड़ी परीक्षाओं के लिए पढ़ाई कर रही थीं। छात्राओं का कहना था कि प्रोवोस्ट ने पहले मौखिक आश्वासन दिया था, लेकिन बाद में अपनी बात से पलट गए।
प्रशासन ने क्या कदम उठाए और क्या मिली राहत?
विरोध प्रदर्शन और बातचीत के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अपना फैसला बदल दिया। 22 मई को एक लिखित आदेश जारी किया गया, जिसमें छात्राओं को 30 जून तक रुकने की छूट दी गई। इसके साथ ही हॉस्टल की बुनियादी सुविधाओं को सुधारने का भरोसा भी दिया गया। रीडिंग रूम में हटाई गई कुर्सियां वापस रखी गईं और मेस में कूलर लगाए गए ताकि गर्मी से राहत मिल सके। यूनिवर्सिटी प्रॉक्टर मनोज कुमार ने बताया कि नियम के मुताबिक परीक्षा के एक हफ्ते बाद हॉस्टल खाली करना होता है, लेकिन चर्चा के बाद इसे बढ़ा दिया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
DU की छात्राओं को अब कब तक हॉस्टल में रुकने की अनुमति है?
प्रशासन के नए लिखित आदेश के अनुसार, यूनिवर्सिटी हॉस्टल फॉर विमेन की छात्राएं अब बिना किसी अतिरिक्त जुर्माने या शुल्क के 30 जून 2026 तक रुक सकती हैं।
प्रदर्शन के बाद हॉस्टल की किन सुविधाओं में सुधार किया गया?
प्रशासन ने रीडिंग रूम में कुर्सियां वापस रखी हैं और मेस में दो वर्किंग कूलर लगाए हैं। साथ ही पानी की किल्लत को दूर करने और एयर कंडीशनर ठीक करने का आश्वासन दिया है।