Delhi University UG Admission 2026: 1.9 लाख से ज्यादा आवेदन, अगले हफ्ते आएगी पहली सीट अलॉटमेंट लिस्ट
Delhi: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) में ग्रेजुएशन कोर्स में एडमिशन लेने के लिए इस बार भारी भीड़ देखी गई है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए यूनिवर्सिटी को 1.9 लाख से ज्यादा आवेदन मिले हैं। अब छात्रों का इंतजार खत्म होने वाला है
Delhi: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) में ग्रेजुएशन कोर्स में एडमिशन लेने के लिए इस बार भारी भीड़ देखी गई है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए यूनिवर्सिटी को 1.9 लाख से ज्यादा आवेदन मिले हैं। अब छात्रों का इंतजार खत्म होने वाला है क्योंकि अगले हफ्ते पहली सीट अलॉटमेंट लिस्ट जारी की जाएगी।
यूनिवर्सिटी के एडमिशन डीन हनीत गांधी के मुताबिक, कुल आवेदकों में से 1.64 लाख से ज्यादा छात्रों ने CSAS पोर्टल के जरिए अपनी पसंद के कोर्स और कॉलेज (Preference) भर दिए हैं। इस बार 69 कॉलेजों और एकेडमिक डिपार्टमेंट्स में 73 अलग-अलग ग्रेजुएशन प्रोग्राम्स के लिए कुल 71,624 सीटें उपलब्ध हैं। एडमिशन पूरी तरह से CUET-UG 2026 के स्कोर के आधार पर किए जाएंगे।
छात्रों के लिए आने वाले कुछ दिन बहुत महत्वपूर्ण हैं। यूनिवर्सिटी आज यानी 12 जुलाई 2026 को शाम 5:00 बजे सिमुलेटेड रैंक (Simulated Rank) जारी करेगी। इससे छात्रों को अपनी अनुमानित रैंक का पता चल जाएगा। इसके बाद 12 जुलाई शाम 5:00 बजे से 13 जुलाई शाम 4:59 बजे तक प्रेफरेंस बदलने का मौका मिलेगा, ताकि छात्र अपनी रैंक के हिसाब से कॉलेज की लिस्ट में बदलाव कर सकें।
एडमिशन की पूरी प्रक्रिया और जरूरी तारीखें नीचे दी गई तालिका में देखी जा सकती हैं:
| महत्वपूर्ण इवेंट | तारीख और समय |
|---|---|
| सिमुलेटेड रैंक जारी होना | 12 जुलाई, शाम 5:00 बजे |
| प्रेफरेंस बदलने का समय | 12 जुलाई (5 PM) से 13 जुलाई (4:59 PM) |
| पहली सीट अलॉटमेंट लिस्ट | 16 जुलाई, शाम 5:00 बजे |
| सीट स्वीकार करने की तारीख | 16 जुलाई से 18 जुलाई |
| कॉलेज द्वारा वेरिफिकेशन | 16 जुलाई से 20 जुलाई |
| फीस जमा करने की आखिरी तारीख | 21 जुलाई |
| दूसरी अलॉटमेंट लिस्ट | 25 जुलाई (संभावित) |
| क्लासेज की शुरुआत | 28 जुलाई |
यूनिवर्सिटी ने साफ किया है कि छात्रों को अपनी पसंद बहुत सोच-समझकर भरनी चाहिए क्योंकि बाद के राउंड्स में इसी लिस्ट के आधार पर सीट मिलेगी। एक बार विंडो बंद होने के बाद कोई बदलाव नहीं होगा। फीस भरने के लिए यूनिवर्सिटी ने वर्चुअल वॉलेट सिस्टम शुरू किया है, जिससे अगर छात्र को बाद में कोई बेहतर कॉलेज (Upgrade) मिलता है, तो फीस अपने आप एडजस्ट हो जाएगी और बार-बार पैसे नहीं देने पड़ेंगे।