Delhi: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) अब बौद्ध अध्ययन के लिए एक नया और आधुनिक सेंटर यानी Centre for Advanced Studies in Buddhist Studies (CASBS) बनाने जा रही है। इस प्रोजेक्ट के पहले फेज को अल्पसंख्यक मंत्रालय ने मंजूरी दे दी ह
Delhi: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) अब बौद्ध अध्ययन के लिए एक नया और आधुनिक सेंटर यानी Centre for Advanced Studies in Buddhist Studies (CASBS) बनाने जा रही है। इस प्रोजेक्ट के पहले फेज को अल्पसंख्यक मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है। इस पहल से दिल्ली के छात्रों और बौद्ध धर्म में रुचि रखने वाले लोगों को पढ़ाई और रिसर्च के बेहतर मौके मिलेंगे।
इस नए सेंटर के लिए कितना बजट मिला है और कौन सी योजना है?
इस सेंटर को बनाने के लिए लगभग 35 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है। यह पैसा अल्पसंख्यक मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (PMJVK) और Buddhist Development Plan (BDP) के तहत दिया जा रहा है। मार्च 2024 में इस प्रोजेक्ट के पहले चरण को प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है।
सेंटर में क्या पढ़ाई होगी और इसका मकसद क्या है?
इस सेंटर का मुख्य उद्देश्य बौद्ध विरासत और संस्कृति को बचाना और उसे बढ़ावा देना है। यहाँ छात्रों के लिए कई तरह के कोर्स शुरू किए जाएंगे, जिनमें शामिल हैं:
- डॉक्टरेट (PhD) प्रोग्राम
- पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स
- डिप्लोमा कोर्स
- सर्टिफिकेट प्रोग्राम
यहाँ बौद्ध धर्म के इतिहास, दर्शन और आज के समय में इसकी प्रासंगिकता के बारे में पढ़ाया जाएगा। यूनिवर्सिटी इसके लिए विषय विशेषज्ञों की मदद से कोर्स तैयार करेगी और शिक्षकों की ट्रेनिंग भी कराएगी।
आगे की प्रक्रिया और यूनिवर्सिटी का पुराना इतिहास क्या है?
दिल्ली यूनिवर्सिटी की एग्जीक्यूटिव काउंसिल 29 अप्रैल 2026 को इस सेंटर को एक नए मल्टीडिसिप्लिनरी एकेडमिक सेंटर के रूप में मंजूरी देने पर चर्चा करेगी। गौरतलब है कि दिल्ली यूनिवर्सिटी में 1957 से ही बौद्ध अध्ययन का विभाग है, जो 1962 में एक स्वतंत्र विभाग बना था। अब इस नए सेंटर के जरिए इस पढ़ाई को और विस्तार दिया जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बौद्ध अध्ययन सेंटर के लिए कुल कितनी राशि आवंटित की गई है?
इस सेंटर की स्थापना के लिए लगभग 35 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट है, जो अल्पसंख्यक मंत्रालय द्वारा PMJVK और BDP योजनाओं के तहत दिया जा रहा है।
इस सेंटर में कौन-कौन से कोर्स उपलब्ध होंगे?
सेंटर में डॉक्टरेट, पोस्ट ग्रेजुएट, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट प्रोग्राम चलाए जाएंगे, जो बौद्ध धर्म के इतिहास और दर्शन पर केंद्रित होंगे।