Delhi: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) ने सेंट स्टीफेंस कॉलेज को एक बड़ा निर्देश दिया है। यूनिवर्सिटी ने कॉलेज को प्रोफेसर Susan Elias की प्रिंसिपल के रूप में नियुक्ति प्रक्रिया को तुरंत रोकने के लिए कहा है। यह मामला नियमों के उ
Delhi: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) ने सेंट स्टीफेंस कॉलेज को एक बड़ा निर्देश दिया है। यूनिवर्सिटी ने कॉलेज को प्रोफेसर Susan Elias की प्रिंसिपल के रूप में नियुक्ति प्रक्रिया को तुरंत रोकने के लिए कहा है। यह मामला नियमों के उल्लंघन से जुड़ा है, जिससे कॉलेज के प्रशासनिक कामकाज पर असर पड़ सकता है।
क्यों रोका गया प्रोफेसर Susan Elias का अपॉइंटमेंट?
दिल्ली यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार Vikas Gupta ने बताया कि सेंट स्टीफेंस कॉलेज पूरी तरह से केंद्र सरकार द्वारा फंडेड है, इसलिए उसे UGC (University Grants Commission) के नियमों का पालन करना होगा। यूनिवर्सिटी का कहना है कि प्रिंसिपल के चुनाव के लिए जो सिलेक्शन कमेटी बनाई गई थी, वह UGC Regulations 2018 के नियमों के हिसाब से नहीं थी। नियमों के खिलाफ जाकर की गई किसी भी सिफारिश को लागू नहीं किया जा सकता है।
अब आगे क्या होगा और क्या हैं नियम?
DU रजिस्ट्रार ने कॉलेज की गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन को पत्र भेजकर कहा है कि सिलेक्शन कमेटी को दोबारा बनाया जाए जो UGC के नियमों का पालन करती हो। प्रोफेसर Susan Elias को कॉलेज की 14वीं और पहली महिला प्रिंसिपल नियुक्त किया गया था और उन्हें 1 जून 2026 को कार्यभार संभालना था। हालांकि, 14 मई 2026 को यूनिवर्सिटी के निर्देश के बाद अब इस नियुक्ति पर रोक लग गई है।
क्या पहले भी ऐसा विवाद हो चुका है?
कॉलेज में प्रिंसिपल का पद 1 मार्च 2026 से खाली था। इससे पहले भी दिल्ली यूनिवर्सिटी ने पूर्व प्रिंसिपल John Varghese की दोबारा नियुक्ति को अवैध बताया था। यूनिवर्सिटी का तर्क था कि UGC नियमों के मुताबिक कार्यकाल की सीमा और नई चयन प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था, जबकि कॉलेज का कहना था कि उन्हें पद पर बने रहने का कानूनी अधिकार था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
प्रोफेसर Susan Elias की नियुक्ति क्यों रोकी गई?
दिल्ली यूनिवर्सिटी के अनुसार, उनकी नियुक्ति के लिए बनाई गई सिलेक्शन कमेटी UGC Regulations 2018 के नियमों का पालन नहीं करती थी, इसलिए इस प्रक्रिया को रोकने का निर्देश दिया गया।
सेंट स्टीफेंस कॉलेज को किन नियमों का पालन करना होगा?
चूंकि कॉलेज को 100 प्रतिशत फंडिंग केंद्र सरकार से मिलती है, इसलिए इसे यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के 2018 के नियमों के तहत ही शिक्षकों और शैक्षणिक स्टाफ की नियुक्ति करनी होगी।