Delhi University में PhD चोरी का मामला, प्रोफेसर ने लगाया अपनी रिसर्च चुराने का आरोप
Delhi: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) में एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। यहां एक प्रोफेसर ने आरोप लगाया है कि उनकी PhD की रिसर्च को दूसरे टीचर ने अपने काम में इस्तेमाल किया है। यह मामला इतिहास विभाग का है, जहां एक ही सुपरवाइजर क
Delhi: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) में एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। यहां एक प्रोफेसर ने आरोप लगाया है कि उनकी PhD की रिसर्च को दूसरे टीचर ने अपने काम में इस्तेमाल किया है। यह मामला इतिहास विभाग का है, जहां एक ही सुपरवाइजर के अंडर दो अलग-अलग समय पर PhD डिग्री दी गई थी। अब यूनिवर्सिटी ने इस मामले की जांच के लिए एक पैनल बना दिया है।
क्या है पूरा मामला और किसने की शिकायत
College of Vocational Studies के टीचर Kumar Ram Krishna ने यह शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने 2006 में पूर्वी राजस्थान के व्यापार और ढूंढाड़ी भाषा पर अपनी PhD पूरी की थी। उन्होंने पाया कि उनके रिसर्च का काफी हिस्सा एक अन्य फैकल्टी मेंबर की 2014 की PhD थीसिस में मौजूद है। खास बात यह है कि दोनों की PhD एक ही सुपरवाइजर की देखरेख में हुई थी। कुमार राम कृष्णा ने इस संबंध में VC Yogesh Singh को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
आरोपी का क्या कहना है और यूनिवर्सिटी का एक्शन
जिस टीचर पर चोरी का आरोप लगा है, उन्होंने इन बातों से इनकार किया है। उनका कहना है कि यह सब उन्हें डराने और मानसिक रूप से परेशान करने के लिए किया जा रहा है। दूसरी तरफ, दिल्ली यूनिवर्सिटी ने UGC के नियमों के हिसाब से एक ‘एकेडमिक इंटीग्रिटी पैनल’ बनाया है। जांच के लिए सोशल साइंस के डीन और यूनिवर्सिटी लाइब्रेरियन से जरूरी रिकॉर्ड मांगे गए हैं।
लाइब्रेरी की कमी और UGC के कड़े नियम
इस विवाद ने यूनिवर्सिटी लाइब्रेरी की एक बड़ी कमी को सामने लाया है। कई पुरानी थीसिस अभी भी सिर्फ कागजों पर हैं और डिजिटल नहीं हुई हैं, जिससे उनकी जांच करना मुश्किल होता है। UGC के 2018 के नियमों के मुताबिक, अगर किसी थीसिस में 60% से ज्यादा चोरी (Plagiarism) पाई जाती है, तो उसकी PhD रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सकता है। 10% से 40% तक की समानता होने पर सुधार का मौका दिया जाता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
UGC के नियमों के अनुसार PhD में कितनी चोरी होने पर डिग्री रद्द होती है?
UGC के 2018 के नियमों के अनुसार, यदि किसी थीसिस में 60% से अधिक समानता (Level 3) पाई जाती है, तो PhD रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जाता है।
इस मामले में शिकायतकर्ता और आरोपी कौन हैं?
शिकायतकर्ता कुमार राम कृष्णा हैं जिन्होंने 2006 में PhD की थी, और आरोपी दिल्ली यूनिवर्सिटी के ही एक अन्य फैकल्टी मेंबर हैं जिन्होंने 2014 में PhD प्राप्त की थी।