Delhi: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) ने छात्रों के लिए फीस रिफंड के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। यह नया नियम 2026-27 के एकेडमिक सेशन से लागू होगा। अब अगर कोई छात्र बीच में कोर्स छोड़ता है या NEP 2020 के तहत मल्टीपल एंट्री-एग
Delhi: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) ने छात्रों के लिए फीस रिफंड के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। यह नया नियम 2026-27 के एकेडमिक सेशन से लागू होगा। अब अगर कोई छात्र बीच में कोर्स छोड़ता है या NEP 2020 के तहत मल्टीपल एंट्री-एग्जिट का विकल्प चुनता है, तो उसे तय नियमों के हिसाब से फीस वापस मिल सकेगी। यह फैसला उन छात्रों के लिए राहत भरा है जो अपनी पढ़ाई बीच में रोकना चाहते हैं या कोर्स बदलना चाहते हैं।
फीस रिफंड के लिए क्या हैं समय सीमा और शर्तें
यूनिवर्सिटी ने रिफंड के लिए समय के हिसाब से अलग-अलग स्लैब बनाए हैं ताकि पारदर्शिता बनी रहे। इसके मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
| समय सीमा |
रिफंड की राशि |
| क्लासेज शुरू होने के 30 दिन के भीतर |
पूरी फीस वापस (प्रोसेसिंग फीस काटकर) |
| एडमिशन डेडलाइन के 15 दिन के भीतर |
50% फीस वापस |
| एडमिशन डेडलाइन के 15 दिन बाद |
कोई रिफंड नहीं मिलेगा |
| एडमिशन के 30 दिन बाद विड्रॉल |
कोई रिफंड नहीं मिलेगा |
एग्जाम फीस और PhD छात्रों के लिए क्या नियम हैं
परीक्षा फीस के मामले में नियम यह है कि अगर छात्र एग्जाम से कम से कम 30 दिन पहले नाम वापस लेता है, तो पूरी एग्जाम फीस वापस मिलेगी। लेकिन अगर यह समय सीमा 30 दिन से कम है, तो कोई पैसा वापस नहीं मिलेगा। PhD छात्रों के लिए भी पहली बार औपचारिक रिफंड सिस्टम बनाया गया है। PhD छात्र अगर डिपार्टमेंट हेड की मंजूरी से एडमिशन की आखिरी तारीख तक नाम वापस लेते हैं, तो उन्हें पूरी फीस मिलेगी, जबकि 15 दिन के भीतर विड्रॉल पर 50% रिफंड मिलेगा।
किन खास स्थितियों में रिफंड मिलेगा या नहीं मिलेगा
यूनिवर्सिटी ने कुछ विशेष मामलों का भी जिक्र किया है। अगर एडमिशन के बाद किसी छात्र की मृत्यु हो जाती है, तो पूरी फीस और एग्जाम फीस उसके माता-पिता या कानूनी वारिस को वापस कर दी जाएगी। हालांकि, अगर किसी छात्र ने गलत जानकारी दी है, फर्जी सर्टिफिकेट जमा किए हैं या तथ्यों को छुपाया है, तो एडमिशन कैंसिल होने पर कोई रिफंड नहीं दिया जाएगा। वहीं, जो छात्र कोर्स छोड़कर दोबारा एडमिशन लेंगे, उन्हें उस समय की चालू फीस देनी होगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या FYUP के तहत कोर्स छोड़ने पर पैसे वापस मिलेंगे?
हाँ, NEP 2020 के मल्टीपल एंट्री-एग्जिट फ्रेमवर्क के तहत कोर्स छोड़ने वाले छात्रों को सेमेस्टर-वार रिफंड नियमों के आधार पर पैसे वापस मिलेंगे।
PhD छात्रों के लिए रिफंड की क्या प्रक्रिया है?
PhD छात्रों को डिपार्टमेंट हेड की मंजूरी लेनी होगी। एडमिशन की आखिरी तारीख तक विड्रॉल पर पूरा रिफंड और उसके बाद 15 दिनों के भीतर 50% रिफंड मिलेगा।