Delhi: दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्री राम कॉलेज (LSR) में पिछले तीन दिनों से तनाव का माहौल है। छात्राएं कॉलेज प्रशासन और प्रिंसिपल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। यह पूरा विवाद एक वीडियो को लेकर शुरू हुआ जिसे BJP के
Delhi: दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्री राम कॉलेज (LSR) में पिछले तीन दिनों से तनाव का माहौल है। छात्राएं कॉलेज प्रशासन और प्रिंसिपल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। यह पूरा विवाद एक वीडियो को लेकर शुरू हुआ जिसे BJP के सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर किया गया था।
विवाद की मुख्य वजह क्या है?
यह मामला 13 अप्रैल 2026 को शुरू हुआ जब BJP के इंस्टाग्राम और X हैंडल पर प्रिंसिपल डॉ. कनिका के. आहूजा का एक वीडियो पोस्ट किया गया। इस वीडियो में वह महिला आरक्षण विधेयक (Women’s Reservation Bill) की तारीफ कर रही थीं। छात्रों का कहना है कि कॉलेज की छवि ‘अपॉलिटिकल’ (गैर-राजनीतिक) है, इसलिए प्रिंसिपल का किसी राजनीतिक पार्टी के प्लेटफॉर्म पर दिखना गलत है।
छात्रों की मांगें और प्रशासन का पक्ष क्या है?
प्रदर्शन कर रही छात्राओं ने अपनी मांगें स्पष्ट कर दी हैं, जिन्हें नीचे टेबल में देखा जा सकता है:
| प्रमुख मांगें |
विवरण |
| वीडियो हटाना |
BJP के प्लेटफॉर्म से वीडियो हटाया जाए और इसका सबूत दिया जाए। |
| सुरक्षा का भरोसा |
प्रदर्शन करने वाली छात्राओं के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई न हो। |
| जांच |
ऑनलाइन और कैंपस में हो रहे उत्पीड़न पर कार्रवाई की जाए। |
| स्पष्टीकरण |
कैंपस में गैर-पक्षपाती राजनीतिक भागीदारी को बढ़ावा दिया जाए। |
दूसरी तरफ, प्रिंसिपल डॉ. कनिका के. आहूजा ने कहा कि उनके विचार व्यक्तिगत थे और यह कॉलेज की आधिकारिक नीति नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि वीडियो महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के लिए बनाया गया था और BJP ने इसे उनकी सहमति के बिना अपलोड किया।
DU के नए नियम और पुलिस की मौजूदगी
दिल्ली यूनिवर्सिटी ने 24 मार्च 2026 को नए नियम लागू किए थे, जिसके तहत कैंपस में किसी भी विरोध प्रदर्शन के लिए 72 घंटे पहले लिखित सूचना देना जरूरी है। LSR प्रशासन ने इसी नियम का हवाला देते हुए छात्रों को नोटिस भेजा था। गुरुवार को कॉलेज के बाहर पुलिस बल तैनात देखा गया। हालांकि प्रशासन और छात्रों के बीच बैठक हुई, लेकिन छात्रों का दावा है कि प्रिंसिपल ने उनकी बातों को पूरी तरह नहीं सुना।