Delhi: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) ने St Stephen’s कॉलेज को अपनी नई प्रिंसिपल प्रोफेसर Susan Elias की नियुक्ति रोकने का निर्देश दिया है। यूनिवर्सिटी का कहना है कि इस चयन के लिए बनाई गई कमेटी UGC के 2018 के नियमों के मु
Delhi: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) ने St Stephen’s कॉलेज को अपनी नई प्रिंसिपल प्रोफेसर Susan Elias की नियुक्ति रोकने का निर्देश दिया है। यूनिवर्सिटी का कहना है कि इस चयन के लिए बनाई गई कमेटी UGC के 2018 के नियमों के मुताबिक नहीं थी। यह आदेश तब आया है जब कॉलेज ने प्रोफेसर Susan Elias को अपने 145 साल के इतिहास में पहली महिला प्रिंसिपल नियुक्त करने की घोषणा की थी।
DU ने नियुक्ति रोकने का कारण क्या बताया है?
दिल्ली यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार विकास गुप्ता ने कॉलेज की गवर्निंग बॉडी को पत्र लिखकर कहा कि चयन समिति का गठन UGC Regulations 2018 के प्रावधानों के अनुसार नहीं किया गया था। यूनिवर्सिटी का आरोप है कि चयन समिति के लिए एक्सपर्ट्स के नामांकन का अनुरोध DU से नहीं किया गया, जो कि नियमों के तहत जरूरी था। नियमों के मुताबिक, कुलपति (Vice-Chancellor) द्वारा दो उच्च शिक्षा विशेषज्ञों को नामित करना अनिवार्य होता है।
कॉलेज और यूनिवर्सिटी के बीच विवाद की मुख्य बातें
St Stephen’s कॉलेज ने 12 मई 2026 को प्रोफेसर Susan Elias के नाम की घोषणा की थी और उन्हें 1 जून 2026 से कार्यभार संभालना था। वहीं, 14 मई को DU ने इस प्रक्रिया पर आपत्ति जताई। यूनिवर्सिटी का कहना है कि चूंकि कॉलेज को केंद्र सरकार से 100 प्रतिशत फंड मिलता है, इसलिए उसे UGC के नियमों का पालन करना ही होगा। बिना सही प्रक्रिया के की गई सिफारिशों को लागू नहीं किया जा सकता।
कॉलेज प्रशासन का क्या कहना है?
इस मामले में St Stephen’s कॉलेज की सुप्रीम काउंसिल के चेयरमैन और दिल्ली के बिशप Rt Revd Dr Paul Swarup ने पहले कहा था कि चयन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और कड़ी थी। उनका दावा था कि यह नियुक्ति UGC की गाइडलाइन्स और दिल्ली यूनिवर्सिटी के नियमों के हिसाब से ही की गई है। अब यूनिवर्सिटी ने कॉलेज से एक नई चयन समिति बनाने को कहा है जो UGC नियमों के अनुरूप हो।
Frequently Asked Questions (FAQs)
प्रोफेसर Susan Elias कौन हैं और उन्हें क्यों नियुक्त किया गया था?
प्रोफेसर Susan Elias एक कंप्यूटर वैज्ञानिक और शैक्षणिक प्रशासक हैं। उन्हें St Stephen’s कॉलेज के 14वें प्रिंसिपल के रूप में चुना गया था, जो कॉलेज के इतिहास में पहली महिला प्रिंसिपल होतीं।
DU ने किन नियमों का हवाला देते हुए नियुक्ति रोकी है?
DU ने UGC Regulations 2018 का हवाला दिया है। यूनिवर्सिटी के अनुसार, चयन समिति में कुलपति द्वारा नामित विशेषज्ञों का होना जरूरी था, जिसकी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।