Delhi University के CVS कॉलेज से हटेंगे 6 वोकेशनल कोर्स, नए डिग्री प्रोग्राम्स की होगी शुरुआत
Delhi: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडीज (CVS) में पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। यूनिवर्सिटी ने यहाँ के छह अंडरग्रेजुएट वोकेशनल प्रोग्राम्स को बंद करने और उनकी जगह नए मल्टी
Delhi: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडीज (CVS) में पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। यूनिवर्सिटी ने यहाँ के छह अंडरग्रेजुएट वोकेशनल प्रोग्राम्स को बंद करने और उनकी जगह नए मल्टीडिसीप्लिनरी डिग्री कॉम्बिनेशन शुरू करने का फैसला किया है। यह नया सिस्टम साल 2026-27 के एकेडमिक सेशन से लागू होगा।
कॉलेज के प्रिंसिपल शिव कुमार सहदेव ने बताया कि इस फैसले को यूनिवर्सिटी की एग्जीक्यूटिव काउंसिल ने मंजूरी दे दी है। उनके मुताबिक, पुराने कोर्स 1970 के दशक में शुरू हुए थे जब B.Com की सुविधा नहीं थी। अब इन कोर्स का सिलेबस B.Com से काफी मिलता-जुलता है और इनमें आगे बढ़ने के मौके भी कम हैं। नए प्रोग्राम्स से छात्रों को नौकरी मिलने में आसानी होगी और उन्हें हायर एजुकेशन के बेहतर अवसर मिलेंगे।
एडमिशन डायरेक्टर हनीत गांधी ने कहा कि यह बदलाव छात्रों की डिमांड को देखते हुए किया गया है। जिन कोर्स में छात्रों की रुचि कम हो रही थी, उन्हें हटाकर नए कॉम्बिनेशन जोड़े गए हैं। ये कोर्स पूरी तरह नए नहीं हैं, बल्कि DU के अन्य कॉलेजों में पहले से पढ़ाए जा रहे हैं।
दूसरी तरफ, कॉलेज के कई प्रोफेसर और छात्र इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। कॉमर्स डिपार्टमेंट के फैकल्टी मेंबर्स का कहना है कि यह कदम कॉलेज के कौशल-आधारित शिक्षा के मकसद के खिलाफ है। उनका दावा है कि मौजूदा वोकेशनल कोर्स में नौकरी के मौके नए बीए प्रोग्राम्स से बेहतर हैं। शिक्षकों ने इसे गैरकानूनी बताया है और कहा है कि इसके लिए जरूरी मंजूरियां नहीं ली गईं।
बंद होने वाले कोर्स की लिस्ट इस प्रकार है:
| बंद होने वाले वोकेशनल कोर्स |
|---|
| ऑफिस मैनेजमेंट एंड सेक्रेटेरियल प्रैक्टिस |
| रिटेल मैनेजमेंट एंड आईटी |
| मटेरियल्स मैनेजमेंट |
| इंश्योरेंस मैनेजमेंट |
| स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज |
| ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट |
बता दें कि इन सबमें से सिर्फ टूरिज्म मैनेजमेंट का वोकेशनल कोर्स ही कॉलेज में जारी रखा गया है। यूनिवर्सिटी ने अब फैकल्टी को अपने काम के बोझ (workload) को नए कोर्स के हिसाब से सेट करने के निर्देश दिए हैं।