Delhi University में अब चौथे साल में रिसर्च और एंटरप्रेन्योरशिप पर जोर, बदल गए क्रेडिट नियम
Delhi: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) ने National Education Policy (NEP) 2020 के तहत अपने Four-Year Undergraduate Programme (FYUP) में बड़ा बदलाव किया है। अब छात्रों के लिए चौथे साल में रिसर्च और एंटरप्रेन्योरशिप ट्रैक को बढ़ाव
Delhi: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) ने National Education Policy (NEP) 2020 के तहत अपने Four-Year Undergraduate Programme (FYUP) में बड़ा बदलाव किया है। अब छात्रों के लिए चौथे साल में रिसर्च और एंटरप्रेन्योरशिप ट्रैक को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस पहल का मकसद छात्रों में रचनात्मकता बढ़ाना और उन्हें भविष्य में नौकरी ढूंढने के बजाय नौकरी देने वाला (Job Creator) बनाना है।
यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर Yogesh Singh ने बताया कि करीब 71,000 पात्र छात्रों में से लगभग 55 प्रतिशत (करीब 31,000 छात्र) ने चौथे साल की पढ़ाई का विकल्प चुना है। यूनिवर्सिटी ने अब रिसर्च, एकेडमिक प्रोजेक्ट और एंटरप्रेन्योरशिप के लिए क्रेडिट्स को 6 से बढ़ाकर 10 कर दिया है, जबकि इलेक्टिव पेपर्स की संख्या कम कर दी गई है।
नियमों के मुताबिक, इस ट्रैक को चुनने वाले हर छात्र को एक फैकल्टी सुपरवाइजर के अंडर काम करना होगा। रिसर्च के लिए कॉलेज स्तर पर तीन तरह की कमेटियां बनाई गई हैं, जिनमें College Research Committee (RCC), Subject Research Committee (SRC) और Advisory Committee for Research (ACR) शामिल हैं। छात्रों को हर महीने अपनी प्रोग्रेस रिपोर्ट जमा करनी होगी और एंटी-प्लेजियरिस्म (नकल रोकने वाली) जांच से गुजरना होगा।
एंटरप्रेन्योरशिप प्रोजेक्ट के लिए छात्रों को दो खास इलेक्टिव कोर्स पढ़ना जरूरी होगा। रिसर्च के लिए फंड का इंतजाम कॉलेज के अपने फंड, एलुमनाई, CSR ग्रांट या इंडस्ट्री पार्टनरशिप के जरिए किया जा सकता है। हालांकि, दिसंबर 2025 और जून 2026 के दौरान कुछ फैकल्टी और छात्रों ने कम अटेंडेंस और गाइडलाइंस में स्पष्टता की कमी को लेकर चिंता भी जताई थी।
डीन ऑफ एकेडमिक अफेयर्स Ratna Bali ने कहा कि इन बदलावों से छात्रों को एडवांस स्टडीज और बिजनेस करियर के लिए बेहतर तैयारी मिलेगी। यूनिवर्सिटी ने इसके लिए ‘Undergraduate Research and Entrepreneurship Exhibition 2026’ (UGREE) जैसा आयोजन भी किया, जहां छात्रों ने अपने नए आइडिया और रिसर्च पेश किए।