Delhi की 1500 कच्ची कॉलोनियों को सरकार करेगी पक्का, 31 अक्टूबर 2026 तक रजिस्ट्री के लिए करें आवेदन
Delhi: दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी खबर है। दिल्ली सरकार अब शहर की 1500 से ज्यादा कच्ची कॉलोनियों को पक्का करने जा रही है। इसके तहत लोग अपनी प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री करा सकेंगे, जिसके ल
Delhi: दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी खबर है। दिल्ली सरकार अब शहर की 1500 से ज्यादा कच्ची कॉलोनियों को पक्का करने जा रही है। इसके तहत लोग अपनी प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री करा सकेंगे, जिसके लिए आवेदन की आखिरी तारीख 31 अक्टूबर 2026 तय की गई है।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 27 जुलाई 2026 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इन कॉलोनियों का नियमितीकरण ‘जैसा है, जहाँ है’ (as-is, where-is) के आधार पर किया जाएगा। इसका मतलब है कि अब पुराने नक्शों या लेआउट प्लान की जरूरत नहीं होगी और जो मकान बने हुए हैं, उन्हें वैसा ही मान्यता दी जाएगी। इन सभी कॉलोनियों की जमीन का इस्तेमाल अब आवासीय माना जाएगा।
सरकार का लक्ष्य करीब 10 लाख घरों को मालिकाना हक देना है, जिससे लगभग 45 लाख लोगों को सीधा फायदा होगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इन कॉलोनियों के विकास के लिए मौजूदा बजट में 800 करोड़ रुपये रखे गए हैं। रजिस्ट्री की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए इसे पूरी तरह पेपरलेस कर दिया गया है।
आवेदन करने के लिए MCD के SWAGAM पोर्टल (mcdonline.nic.in/swagam) का इस्तेमाल किया जा सकता है। जिन लोगों के पास PM-UDAY ID नहीं है, वे pmuday.ncog.gov.in पोर्टल से इसे प्राप्त कर सकते हैं। सरकारी जमीन पर बने मकानों के लिए ‘कन्वेयेंस डीड’ और निजी जमीन पर बने मकानों के लिए ‘ऑथोराइजेशन स्लिप’ जारी की जाएगी।
| विवरण | महत्वपूर्ण जानकारी |
|---|---|
| आवेदन की अंतिम तिथि | 31 अक्टूबर 2026 |
| ऑनलाइन पोर्टल | SWAGAM पोर्टल (MCD) |
| कुल कॉलोनियां | 1,511 अनधिकृत कॉलोनियां |
| विकास बजट | 800 करोड़ रुपये |
| नियम | As-is, where-is (जैसा है, जहाँ है) आधार पर |
| लाभांवित लोग | करीब 45 लाख लोग |
प्रशासन ने साफ किया है कि 1 नवंबर 2026 से कोई भी नया आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। आवेदन की संख्या कम होने के कारण यह सख्त समय सीमा तय की गई है। साथ ही, MCD अब ड्रोन सर्वे के जरिए निगरानी रखेगा ताकि भविष्य में कोई नया अवैध निर्माण न हो सके। सभी 13 जिलों के DM और ADM ऑफिस में PM-UDAY सेल बनाए गए हैं ताकि लोगों को मदद मिल सके।