Delhi की अनधिकृत कॉलोनियों में मालिकाना हक के लिए 31 अक्टूबर तक करें आवेदन, सरकार ने तय की डेडलाइन

Delhi: दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लोगों के लिए मालिकाना हक पाने का यह एक बड़ा मौका है। दिल्ली सरकार ने इन कॉलोनियों में संपत्ति के पंजीकरण के लिए जरूरी दस्तावेज़ पाने की आखिरी तारीख 31 अक्टूबर, 2026 तय कर

Delhi: दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लोगों के लिए मालिकाना हक पाने का यह एक बड़ा मौका है। दिल्ली सरकार ने इन कॉलोनियों में संपत्ति के पंजीकरण के लिए जरूरी दस्तावेज़ पाने की आखिरी तारीख 31 अक्टूबर, 2026 तय कर दी है। अधिकारियों ने साफ कहा है कि इस समय-सीमा के बाद कोई भी नया आवेदन नहीं लिया जाएगा।

यह पूरी प्रक्रिया प्रधानमंत्री अनधिकृत कॉलोनी आवास अधिकार योजना (PM-UDAY) के तहत चल रही है। इस योजना का मकसद उन लोगों को कानूनी कागजात देना है जो अनधिकृत कॉलोनियों में रह रहे हैं। इसके तहत सरकारी जमीन पर बने मकानों के लिए ‘संपत्ति हस्तांतरण विलेख’ और निजी जमीन पर बने मकानों के लिए ‘प्राधिकार पर्ची’ दी जाएगी। ये दोनों ही दस्तावेज़ दिल्ली नगर निगम (MCD) से नियमितीकरण प्रमाण-पत्र लेने के लिए बहुत जरूरी हैं।

केंद्र सरकार ने अप्रैल 2026 में दिल्ली की 1,511 अनधिकृत कॉलोनियों को ‘जैसी हैं, वैसी ही’ के आधार पर नियमित करने का फैसला किया था। इसका मतलब है कि अब इसके लिए किसी स्वीकृत नक्शा योजना की जरूरत नहीं होगी। इस काम में दिल्ली सरकार का राजस्व विभाग, केंद्र सरकार और MCD मिलकर काम कर रहे हैं।

राजस्व विभाग के मुताबिक, आवेदन की प्रक्रिया 25 अप्रैल, 2026 से शुरू हुई थी, लेकिन अब तक केवल 2,000 आवेदन ही मिले हैं। आवेदनों की कम संख्या को देखते हुए ही यह समय-सीमा तय की गई है। लोगों की मदद के लिए सभी 13 राजस्व जिलों में पीएम-उदय सेल बनाए गए हैं और नोडल अधिकारी भी तैनात किए गए हैं ताकि लोगों की शिकायतों और सवालों का जवाब दिया जा सके।