Delhi: राजधानी दिल्ली में 22 मई से 24 मई 2026 तक तीन दिनों की ट्रक हड़ताल होने जा रही है। इस हड़ताल की वजह से शहर में फल, सब्जी और दूध जैसी जरूरी चीजों की सप्लाई रुक सकती है। इसका सीधा असर आम लोगों की रसोई और उनके बजट पर
Delhi: राजधानी दिल्ली में 22 मई से 24 मई 2026 तक तीन दिनों की ट्रक हड़ताल होने जा रही है। इस हड़ताल की वजह से शहर में फल, सब्जी और दूध जैसी जरूरी चीजों की सप्लाई रुक सकती है। इसका सीधा असर आम लोगों की रसोई और उनके बजट पर पड़ने की आशंका है क्योंकि सामान की कमी से कीमतें बढ़ सकती हैं।
हड़ताल क्यों हो रही है और क्या हैं मांगें?
ऑल इंडिया मोटर्स ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरीश सभरवाल ने इस हड़ताल का ऐलान किया है। ट्रक यूनियन का विरोध मालवाहक वाहनों पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क (ECC) बढ़ाने और 1 नवंबर से BS-4 वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाने को लेकर है। यूनियन की मांग है कि ECC केवल उन ट्रकों पर लगे जो दिल्ली को रास्ते के तौर पर इस्तेमाल करते हैं, न कि उन पर जो शहर के लोगों के लिए सामान लाते हैं। साथ ही BS-6 वाहनों पर टैक्स लगाना भी गलत बताया गया है।
आम जनता और सप्लाई पर क्या असर होगा?
इस सांकेतिक हड़ताल में दिल्ली-NCR की ट्रक यूनियनों के साथ-साथ ऑटो और टैक्सी यूनियन के प्रतिनिधि भी शामिल हुए हैं। हड़ताल के दौरान बाहरी राज्यों से आने वाले मालवाहक वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर रोक लग सकती है। इससे दूध, दवाई, कपड़े और ताजी सब्जियों की किल्लत हो सकती है। हरीश सभरवाल ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने मांगें नहीं मानीं, तो यह हड़ताल लंबे समय तक चल सकती है और चक्का जाम की स्थिति बन सकती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में ट्रक हड़ताल कब से कब तक है?
दिल्ली में यह सांकेतिक हड़ताल 22 मई से 24 मई 2026 तक निर्धारित की गई है।
हड़ताल से किन चीजों की कमी हो सकती है?
इस हड़ताल से दिल्ली में फल, सब्जी, दूध, दवाई और कपड़ों जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित हो सकती है।