Delhi: राजधानी दिल्ली में 22 से 24 मई 2026 तक तीन दिनों की ट्रक हड़ताल होने जा रही है। इस हड़ताल की वजह से शहर में जरूरी सामानों की सप्लाई रुक सकती है, जिससे आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ट्रक ऑपरेटरों ने
Delhi: राजधानी दिल्ली में 22 से 24 मई 2026 तक तीन दिनों की ट्रक हड़ताल होने जा रही है। इस हड़ताल की वजह से शहर में जरूरी सामानों की सप्लाई रुक सकती है, जिससे आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ट्रक ऑपरेटरों ने सरकार के कुछ फैसलों के विरोध में यह कदम उठाया है।
हड़ताल से क्या-क्या प्रभावित होगा और क्या बंद रहेगा
इस हड़ताल का सबसे ज्यादा असर खाने-पीने की चीजों पर पड़ेगा। फल, सब्जियां, दूध और दवाइयों की सप्लाई में भारी कमी आने की उम्मीद है। आजादपुर और गाजीपुर जैसी बड़ी मंडियों में सामान कम पहुंचेगा, जिससे अगले 48 घंटों में सब्जियों और फलों की कीमतें दोगुनी हो सकती हैं। ट्रक यूनियनों ने साफ किया है कि बाहरी राज्यों से आने वाले मालवाहक वाहनों को दिल्ली में घुसने नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा ऑटो और टैक्सी यूनियन ने भी अपना समर्थन दिया है, जिससे इन सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है।
कौन सी सेवाएं चालू रहेंगी और क्या खुला रहेगा
फिलहाल सरकारी दफ्तर, बैंक और प्राइवेट ऑफिस खुले रहने की उम्मीद है। दिल्ली मेट्रो, बसें और ऑटो-रिक्शा जैसी पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेवाएं सामान्य रूप से चलेंगी। हालांकि, अगर ऑटो और टैक्सी यूनियन पूरी तरह हड़ताल में शामिल हो गए, तो आवाजाही में दिक्कत आ सकती है। अभी तक किसी अन्य मुख्य सेवा के बंद होने की आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है।
ट्रक यूनियन क्यों कर रहे हैं यह विरोध प्रदर्शन
ऑल इंडिया मोटर्स ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) के अध्यक्ष हरीश सभरवाल के मुताबिक, यह हड़ताल तीन मुख्य मांगों को लेकर है। पहला, लोडिंग-अनलोडिंग वाहनों पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क (ECC) में बढ़ोतरी का विरोध। दूसरा, 1 नवंबर से BS-4 वाहनों पर लगने वाले प्रतिबंध को हटाना। तीसरा, BS-6 वाहनों पर भी ECC लगाने के फैसले का विरोध। यूनियनों का कहना है कि BS-4 प्रतिबंध से करीब 17 लाख वाहन प्रभावित होंगे, जो कोरोना काल की वजह से ज्यादा चल नहीं पाए।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में ट्रक हड़ताल कब से कब तक है?
दिल्ली में ट्रक हड़ताल 22 मई से 24 मई 2026 तक तीन दिनों के लिए बुलाई गई है।
क्या इस हड़ताल से सब्जियों और फलों के दाम बढ़ेंगे?
हाँ, मंडियों में सामान की आवक कम होने की वजह से अगले 48 घंटों के भीतर फल और सब्जियों की कीमतें दोगुनी होने की आशंका है।
हड़ताल का मुख्य कारण क्या है?
ट्रक यूनियन ECC शुल्क में बढ़ोतरी, BS-4 वाहनों पर प्रतिबंध और BS-6 वाहनों पर शुल्क लगाए जाने के सरकारी फैसले का विरोध कर रहे हैं।