Delhi में हर दिन घुस रहे 17,000 ट्रक बढ़ा रहे प्रदूषण, सरकार लागू करेगी नई EV पॉलिसी और कड़े नियम

Delhi: राजधानी दिल्ली की हवा को जहरीला बनाने में बाहर से आने वाले भारी ट्रकों की बड़ी भूमिका है। IIT-Delhi, TERI और A-PAG की एक नई स्टडी में सामने आया है कि हर दिन करीब 17,000 भारी ट्रक दिल्ली में घुसते हैं, जो शहर के कु

Delhi: राजधानी दिल्ली की हवा को जहरीला बनाने में बाहर से आने वाले भारी ट्रकों की बड़ी भूमिका है। IIT-Delhi, TERI और A-PAG की एक नई स्टडी में सामने आया है कि हर दिन करीब 17,000 भारी ट्रक दिल्ली में घुसते हैं, जो शहर के कुल ट्रांसपोर्ट प्रदूषण में बड़ा हिस्सा जोड़ते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए केंद्र और दिल्ली सरकार ने कई बड़े कदम उठाए हैं, जिनमें पुरानी गाड़ियों को हटाना और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना शामिल है।

स्टडी के मुताबिक, ये ट्रक दिल्ली के कुल ट्रांसपोर्ट उत्सर्जन का 23% हिस्सा हैं। रात और सुबह के समय जब ट्रकों की आवाजाही ज्यादा होती है, तब यह आंकड़ा बढ़कर 61% तक पहुंच जाता है। सबसे ज्यादा ट्रक कुंडली, राजौकरी, बदरपुर और टिकरी टोल प्लाजा से शहर में आते हैं। रिसर्च में यह बात भी सामने आई कि 92% ट्रक दिल्ली को ही अपनी मंजिल मानते हैं और इनमें से 77% ट्रक पड़ोसी राज्यों से आते हैं। साथ ही, 51% ट्रक दिल्ली से खाली वापस जाते हैं, जिससे प्रदूषण और बढ़ता है।

प्रदूषण कम करने के लिए केंद्र सरकार ने 9,585 करोड़ रुपये की एक स्कीम को मंजूरी दी है। इसके तहत दिल्ली-NCR में BS-IV और उससे पुराने ट्रकों और बसों को हटाकर उनकी जगह BS-VI या इलेक्ट्रिक गाड़ियां लाने के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा। BS-III या उससे पुराने वाहनों को कबाड़ (scrapping) करना अनिवार्य होगा, जबकि BS-IV वाहनों को या तो स्क्रैप किया जा सकता है या NCR से बाहर बेचा जा सकता है।

दिल्ली सरकार ने भी 29 जून 2026 को एक नई EV पॉलिसी को मंजूरी दी है। इस पॉलिसी के तहत आने वाले समय में नए नियमों को लागू किया जाएगा:

तारीख नियम
1 जनवरी 2027 छोटे ट्रक और थ्री-व्हीलर पैसेंजर गाड़ियां सिर्फ इलेक्ट्रिक होने पर ही लाइसेंस प्लेट मिलेंगी
1 अप्रैल 2028 टू-व्हीलर्स के लिए भी सिर्फ इलेक्ट्रिक गाड़ियों को ही लाइसेंस प्लेट जारी की जाएगी
वर्तमान नियम 30 लाख रुपये तक की इलेक्ट्रिक कारों और यूटिलिटी वाहनों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस नहीं लगेगी

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर 2027 तक BS-VI से पुराने ट्रकों की एंट्री रोक दी जाए, तो PM2.5 प्रदूषण में 51% की कमी आ सकती है। फिलहाल दिल्ली में बाहरी ट्रकों के प्रवेश का समय रात 11 बजे से सुबह 7 बजे तक ही तय है। TERI की अंजू गोयल ने बताया कि चूंकि ज्यादातर ट्रक पड़ोसी राज्यों से आते हैं, इसलिए इस समस्या का हल केवल दिल्ली नहीं बल्कि पूरे NCR क्षेत्र के तालमेल से ही निकलेगा।