Delhi में सफर होगा आसान, 8 कॉरिडोर हुए सिग्नल-फ्री, 25 और रास्तों पर तैयारी
Delhi: दिल्ली की सड़कों पर घंटों जाम में फंसने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने शहर की रफ्तार बढ़ाने के लिए 8 कॉरिडोर को पूरी तरह सिग्नल-मुक्त कर दिया है। अब इन रास्तों पर गाड़ियों को बार-बार ला
Delhi: दिल्ली की सड़कों पर घंटों जाम में फंसने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने शहर की रफ्तार बढ़ाने के लिए 8 कॉरिडोर को पूरी तरह सिग्नल-मुक्त कर दिया है। अब इन रास्तों पर गाड़ियों को बार-बार लाल बत्ती पर रुकना नहीं पड़ेगा, जिससे यात्रा का समय कम होगा। पुलिस अब 25 और ऐसे कॉरिडोर बनाने की तैयारी कर रही है ताकि ट्रैफिक की समस्या को जड़ से खत्म किया जा सके।
शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विशेष पुलिस आयुक्त (यातायात) मनीष अग्रवाल और संयुक्त पुलिस आयुक्त संजय त्यागी ने इन बदलावों की जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि इन रास्तों को सिग्नल-फ्री बनाने के लिए अनावश्यक ट्रैफिक सिग्नल हटाए गए हैं और अवैध कट बंद किए गए हैं। साथ ही, यू-टर्न की सुविधा दी गई है और चौराहों को बेहतर तरीके से व्यवस्थित किया गया है। इस काम में PWD, MCD, NHAI, DMRC और DTC जैसी एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं।
इन बदलावों का असर कई इलाकों में दिखने लगा है। नेताजी सुभाष प्लेस (NSP) से रिठाला मेट्रो स्टेशन और लक्ष्मी नगर से कड़कड़ी मोड़ के बीच विकास मार्ग पर ट्रैफिक का बहाव पहले से बेहतर हुआ है। इसके अलावा द्वारका के एलीफेंट चौक-यूईआर-II जंक्शन, पश्चिम पटेल नगर और आजादपुर के पास जीटीके रोड पर भी यात्रा का समय कम हुआ है। दिल्ली सरकार ने इस व्यवस्था को संभालने के लिए 1200 डीटीसी कर्मियों और 300 होम गार्डों की अतिरिक्त तैनाती भी की है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| सिग्नल-मुक्त कॉरिडोर | 8 (6 उत्तर दिल्ली, 2 पूर्व दिल्ली) |
| प्रस्तावित नए कॉरिडोर | 25 |
| कुल चालान (जनवरी-जून 2026) | 48,42,953 |
| RLVD और OSVD चालान | 17.21 लाख से अधिक |
| खतरनाक ड्राइविंग FIR | 2,187 |
| हॉटस्पॉट समीक्षा | 62 में से 30 पर काम पूरा |
| जलभराव वाले स्थान | 169 की पहचान |
ट्रैफिक पुलिस ने नियमों का पालन कराने के लिए सख्ती भी बरती है। जनवरी से जून 2026 के बीच करीब 48.42 लाख चालान काटे गए, जो पिछले साल के मुकाबले 1.91% ज्यादा हैं। इनमें से बड़ी संख्या में चालान कैमरों (RLVD और OSVD) के जरिए जारी किए गए। आम लोगों की भागीदारी के लिए ‘संगम’ प्रोजेक्ट शुरू किया गया, जिसमें जनता से मिले 500 सुझावों में से 368 को लागू किया गया है। साथ ही, मानसून के दौरान जाम न लगे, इसके लिए 169 जलभराव वाले पॉइंट्स की पहचान कर आपदा प्रबंधन वाहन तैनात किए गए हैं।