Delhi के रानी झांसी फ्लाईओवर से कूदकर आत्महत्या की कोशिश, ट्रैफिक पुलिस ने बचाई सरकारी टीचर की जान
Delhi: राजधानी के रानी झांसी फ्लाईओवर पर एक बड़ा हादसा होते-होते रह गया। यहाँ एक 45 वर्षीय सरकारी स्कूल टीचर ने कूदकर अपनी जीवनलीला समाप्त करने की कोशिश की, लेकिन मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिस के जवानों ने सूझबूझ दिखाते हु
Delhi: राजधानी के रानी झांसी फ्लाईओवर पर एक बड़ा हादसा होते-होते रह गया। यहाँ एक 45 वर्षीय सरकारी स्कूल टीचर ने कूदकर अपनी जीवनलीला समाप्त करने की कोशिश की, लेकिन मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिस के जवानों ने सूझबूझ दिखाते हुए उन्हें मौत के मुंह से बाहर खींच लिया।
यह घटना 8 जुलाई 2026 की शाम करीब 4 बजे की है। शास्त्री नगर के सर्वोदय बाल विद्यालय में गणित पढ़ाने वाले शिक्षक आनंद कुमार सरोहा ने फ्लाईओवर से छलांग लगा दी थी। आजाद मार्केट चौक पर तैनात ट्रैफिक पुलिस के कांस्टेबल साहिल और अमित को जब इसकी सूचना मिली, तो वे तुरंत मौके पर पहुंचे। घायल शिक्षक की हालत गंभीर थी, इसलिए पुलिसकर्मियों ने एम्बुलेंस का इंतजार नहीं किया और उन्हें तुरंत एक ई-रिक्शा के जरिए हिंदू राव अस्पताल पहुंचाया। वहां प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें सेंट स्टीफंस अस्पताल रेफर किया गया, जहां अब उनकी हालत खतरे से बाहर है, हालांकि उनके दोनों हाथों में फ्रैक्चर है और सर्जरी की जरूरत है।
पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें शिक्षक ने लिखा कि काम का बहुत ज्यादा दबाव है और पिछले कुछ दिनों से स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण उन्होंने यह कदम उठाया। वहीं, परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आनंद कुमार सरोहा अस्थमा के मरीज हैं, लेकिन उन्हें 10 दिनों की मेडिकल लीव नहीं दी गई। परिवार का दावा है कि उन्हें जनगणना ड्यूटी और SIR ड्यूटी के लिए मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और रिपोर्ट न करने पर नौकरी से निकालने की धमकी दी गई। परिवार ने यह भी बताया कि कूदने से पहले उन्होंने डिटॉल पिया था।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने जवानों की इस त्वरित कार्रवाई की तारीफ की है। फिलहाल पुलिस ने मेडिको-लीगल केस दर्ज कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है। परिवार ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।