Delhi : दिल्ली की सड़कों पर लगने वाले लंबे जाम और ट्रैफिक की अव्यवस्था को खत्म करने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने SANGAM प्रोजेक्ट शुरू किया है। इस पहल के जरिए अब आम जनता, मार्केट एसोसिएशन और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (
Delhi : दिल्ली की सड़कों पर लगने वाले लंबे जाम और ट्रैफिक की अव्यवस्था को खत्म करने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने SANGAM प्रोजेक्ट शुरू किया है। इस पहल के जरिए अब आम जनता, मार्केट एसोसिएशन और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWAs) मिलकर ट्रैफिक की समस्याओं का समाधान निकालेंगे। LG तरनजीत सिंह संधू के निर्देश पर शुरू हुए इस प्रोजेक्ट का मकसद लोगों की भागीदारी से सड़कों को बेहतर बनाना है।
SANGAM प्रोजेक्ट क्या है और यह कैसे काम करेगा?
SANGAM का पूरा नाम Synergistic Action & Networked Governance for Area Mobility है। यह एक ऐसा सिस्टम है जिसमें पुलिस, MCD, PWD और DMRC जैसी एजेंसियां एक साथ मिलकर काम करेंगी। इसमें स्थानीय लोगों से सुझाव लिए जाएंगे और उन सुझावों को एक डिजिटल रिकॉर्ड में रखा जाएगा ताकि काम की प्रोग्रेस को ट्रैक किया जा सके। इसका मुख्य फोकस अवैध पार्किंग, ई-रिक्शा की भीड़, रॉन्ग साइड ड्राइविंग और पैदल चलने वालों की सुरक्षा पर है।
अब तक किन इलाकों में क्या बदलाव हुए?
प्रोजेक्ट की शुरुआत के बाद अब तक करीब 30 इलाकों में बैठकें हुई हैं और 6,000 से ज्यादा लोगों से बात की गई है। दिल्ली के कई प्रमुख हिस्सों में जमीनी स्तर पर काम शुरू हो चुका है:
| इलाका |
हुए बदलाव/कार्य |
| करोल बाग |
ई-रिक्शा स्टैंड बदले गए और बैरिकेड्स हटाए गए |
| मयूर विहार |
जलभराव (Waterlogging) की समस्या को दूर किया गया |
| मॉडल टाउन और न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी |
सिग्नल टाइमिंग सुधारी गई और अतिक्रमण हटाया गया |
| हनुमान मंदिर रोड और बंगला साहिब |
अवैध पार्किंग रोकने के लिए अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया गया |
| द्वारका |
13 फ्री लेफ्ट टर्न का प्रस्ताव और 4 फुट ओवर ब्रिज का काम जारी |
| डिफेंस कॉलोनी |
वन-वे लेन बनाने का प्रस्ताव रखा गया |
आम जनता को इससे क्या फायदा होगा?
इस प्रोजेक्ट से अब शिकायतें सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेंगी बल्कि उन्हें सहयोग में बदला जाएगा। एडिशनल कमिश्नर दिनेश कुमार गुप्ता के अनुसार, अब नागरिक अपने इलाके के ट्रैफिक को सुधारने में एक्टिव पार्टनर बनेंगे। इसके तहत हजारों ई-चालान काटे गए हैं, गलत पार्किंग वाली गाड़ियां उठाई गई हैं और साइन बोर्ड लगाए गए हैं। आने वाले हफ्तों में इस प्रोजेक्ट को दिल्ली के और भी ज्यादा इलाकों में लागू किया जाएगा।